
ट्रेजरी के स्ट्रॉन्ग रुम के बाहर तैनात जवान। फोटो: पत्रिका
टोंक। निवाई उपखंड क्षेत्र के गांव देवरी में शनिवार को चरागाह भूमि में खुदाई के दौरान मिले देग का रहस्य अभी बरकरार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी प्रीति मीणा ने अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल को पत्र भेज दिया है। टोंक जिला कलक्टर के निर्देश मिलने के बाद ही देग को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल देग को निवाई ट्रेजरी के स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद कर सुरक्षित रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार देग को खोलकर जांच करने के लिए पुरातत्व विभाग की टीम को बुलाया जाएगा। टीम की मौजूदगी में ही देग को खोला जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि करीब दस फीट गहराई में खुदाई के दौरान मिली इस देग के पीछे की सच्चाई क्या है और इसका ऐतिहासिक या अन्य कोई महत्व है या नहीं।
एसडीएम प्रीति मीणा ने बताया कि देवरी गांव में ग्रामीणों की मांग और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए देग को पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में डबल लॉक कर स्ट्रॉन्ग रूम में रखवाया गया है। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर चौबीसों घंटे हथियारों से लैस दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। आगे की कार्रवाई के लिए जिला कलक्टर कार्यालय को अवगत करा दिया गया है और निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
ज्ञात रहे कि शनिवार शाम खेतों के समीप चरागाह भूमि में गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी होने और एक जोड़ी चप्पल दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने वहां लाश दबे होने की आशंका जताई थी। सूचना पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा और जेसीबी से खुदाई करवाई गई। खुदाई के दौरान देग मिलने से खजाने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए थे।
रविवार को भी देवरी गांव में उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहा। कुछ लोगों ने उसी चरागाह भूमि में दोबारा खुदाई कर यह देखने का प्रयास किया कि कहीं और देग या कोई अन्य वस्तु तो नहीं दबी है,हालांकि वहां कुछ भी नहीं मिला। इसके बावजूद रविवार को भी सैकड़ों लोग मौके पर एकत्रित होते रहे। रविवार को पूरे दिन गांव और आसपास के क्षेत्र में शनिवार को मिली देग में खजाना होने सहित तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहीं। भारी-भरकम खजाना मिलने की चर्चाओं ने लोगों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी।
Updated on:
05 Jan 2026 03:21 pm
Published on:
05 Jan 2026 03:20 pm
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