
पवन कुमार चौधरी। फोटो: पत्रिका
Tonk News: एसीबी मुख्यालय जयपुर ने अलीगढ़ के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसआइ) पवन कुमार चौधरी और कांस्टेबल कर्मवीर चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला पुलिस थाना अलीगढ़ में रिमांड पर चल रहे आरोपी से मारपीट नहीं करने व सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर रिश्वत की राशि लेने का है। मामले में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने कांस्टेबल कर्मवीर चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया। जबकि एसएचओ का स्थानांतरण पहले ही अजमेर हो चुका है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सवाईमाधोपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी ने बताया कि सवाईमाधोपुर एसीबी टीम ने करीब चार महीने पहले इन दोनों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों पकडऩे के लिए ट्रैप की कार्रवाई की थी। लेकिन सफल नहीं हो पाई। इसके बाद एसीबी ने रिपोर्ट जयपुर एसीबी मुख्यालय भेजी। उसके बाद एसीबी मुख्यालय जयपुर ने गत एक जनवरी को तत्कालीन थाना प्रभारी पवन कुमार चौधरी और कांस्टेबल कर्मवीर चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले के अनुसार 10 अगस्त 2025 को अलीगढ़ थाना क्षेत्र में रास्ता रोककर फायरिंग कर एक व्यक्ति से मारपीट कर लूट की वारदात हुई थी। इसमें फरार चल रहे आरोपी को अलीगढ़ पुलिस ने सितम्बर 2025 को गिरफ्तार किया था। उसके साथ अलीगढ़ पुलिस थाना में पुलिस रिमाण्ड में मारपीट नहीं करने व और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर बीस हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। मामले में 9 सितम्बर को सवाईमाधोपुर एसीबी ने आरोपी के भाई राजमल मीणा निवासी डेकवा ने शिकायत दी थी।
एसीबी की कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल कर्मवीर चौधरी को भनक लगने पर ट्रैप कार्रवाई असफल हो गई थी। शिकायत के उसी दिन एसीबी का सत्यापन सफल हो गया था। इसके बाद एसीबी सवाई माधोपुर ने दूसरी बार ट्रैप की कार्रवाई का प्रयास 13 व 14 सितंबर को किया। लेकिन शक होने व एसीबी की भनक लगने पर फिर कार्रवाई नहीं हो सकी। एसीबी सवाई माधोपुर ने मामले की रिपोर्ट दिसंबर 2025 को जयपुर एसीबी मुख्यालय को भिजवाई थी। जिस पर गत एक जनवरी को एसीबी मुख्यालय जयपुर में मामला दर्ज हुआ है।
Published on:
04 Jan 2026 12:43 pm
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