
Naresh Meena: राजस्थान की सात सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के परिणामों से भाजपा उत्साहित है। भाजपा ने सात में से पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है। देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर कांग्रेस की हार को लेकर सांसद हरीश मीना ने कहा है कि उपचुनाव में हार के कारणों पर मंथन कर रहे हैं। यदि समय रहते नरेश मीना पर सख्ती हो जाती तो शायद परिणाम कांग्रेस के पक्ष में होते। हरीश मीना ने समरावता कांड को भी कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की साजिश बताई। उन्होंने कहा कि अभी मंथन चल रहा है। इसमें सामने आ जाएगा कि भाजपा ने निर्दलीय नरेश का उपयोग किस प्रकार किया।
Q. निर्दलीय को कांग्रेस से ज्यादा वोट कैसे मिले?
निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना हमेशा कांग्रेस का विरोधी रहा है। बारां में गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट काटे। यह दौसा से भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट काट चुका है। पार्टी अगर नरेश पर पहले सख्ती करती तो आज यह नौबत नहीं आती कि वह कांग्रेस प्रत्याशी को हरा पाता।
Q. इस बार कांग्रेस का गढ़ ढह गया?
हमने इस सीट पर ज्यादा जीत दर्ज की है। कांग्रेस के खिलाफ कोई षड्यंत्र रचा गया। इसकी जांच होनी चाहिए।
Q. निर्दलीय का पलड़ा क्यों भारी रहा?
चुनाव के दौरान नरेश मीना कहता था कि वह गरीब है, लेकिन उसके पास चुनाव लड़ने वाले तमाम साधन और संसाधन थे। आखिर यह सब कहां से आया। इसका भी मंथन किया जाएगा और पार्टी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। पार्टी को चाहिए कि इस मामले को सख्ती से ले, ताकि भविष्य में ऐसी नौबत नहीं आए।
Updated on:
25 Nov 2024, 8:34 AM IST
Published on:
25 Nov 2024, 8:34 AM IST
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