
उपभोक्ता मंच का फैसला, सेवा दोष पर 5 हजार का जुर्माना लगाया
टोंक . जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग टोंक के अध्यक्ष व सदस्यों ने दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया है। मंच अध्यक्ष राजेश ङ्क्षसह शेखावत, सदस्य अर्चना श्रीवास्तव व सदस्य कफील अहमद खान ने एसडीएफसी बैंक निवाई को सेवा दोष के आरोप में परिवाद को परिवाद व्यय के 5 हजार रुपए देने के आदेश दिए हैं। प्रकरण के मुताबिक खिड$की ग्राम पंचायत के भैंरूपुरा निवासी गिरधारी लाल जाट ने उपभोक्ता मंच में परिवाद दिया था कि उसने निवाई में एसडीएफसी बैंक से केसीसी ली थी।
बैंक ने दो ऋण खाता अपनी शाखा में खुलवाए थे। दोनों खातों में केसीसी ऋण की राशि जमा करवा दी। परिवादी ने अदेयता प्रमाण पत्र देने की मांग बैंक से की। बैंक ने अदेयता प्रमाण पत्र देने में आनाकानी करते रहे। बैंक ने मंच को बताया कि परिवादी ने बैंक से तीन ऋण लिए थे। इसमें वह डिफाल्टर है। उसके खिलाफ निवाई एसडीएम, तहसीलदार निवाई के समक्ष रोडा एक्ट की कार्रवाई की थी।
परिवादी ने केसीसी में चल रही बकाया राशि जमा करा दी। इसके बाद परिवादी को एनओसी जारी कर दी गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंच अध्यक्ष व सदस्यों ने कहा कि परिवादी ने परिवाद दायर करने के बाद उसे एनओसी दी गई। जिससे परिवादी को मानसिक संताप हुआ है। इसी प्रकार दूसरे मामले में कंपू निवासी सीता देवी पत्नी लादूलाल सैनी ने परिवाद में बताया कि उसने सहारा से सहारा-ए-शाईन योजना के तहत तीन एफडीआर 96 माह के लिए करवाई थी।
72 दिन बाद जब एफडीआर के लाभांश के लिए संपर्क किया तो लाभांश देने से इंकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सहारा ने अपने पक्ष में आर्थिक संकट व वित्तीय बाधा के कारण संपूर्ण मैच्यूरिटी राशि का भुगतान करने में असमर्थता जताई। परिवादिया को किश्तों में अपनी एफडीआर राशि प्राप्त करने को कहा। इस पर परिवादिया ने मना कर दिया और मूल प्रमाण पत्र सरेंडर नहीं किया।
मंच अध्यक्ष राजेश ङ्क्षसह शेखावत, सदस्य अर्चना श्रीवास्तव, सदस्य कफील अहमद खान ने आदेश दिया कि परिवादिया की ओर से मूल प्रमाण पत्र सरेंडर करने के बाद एक माह में परिवाद एफडीआर की 30 हजार रुपए मय लाभांश का भुगतान अदा करे। साथ ही मानसिक संताप के 10 हजार व परिवाद खर्च के 5 हजार रुपए परिवादी को अदा करे।
Published on:
21 May 2023 08:08 pm
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