वनस्थली विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में विद्यापीठ के विभिन्न संकायों की 4864 छात्राओं को विभिन्न उपाधियां एवं 126 छात्राओं को मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र ने गोल्ड मेडल प्रदान किए तथा 359 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में स्वाती शर्मा को राज्यपाल कलराज मिश्र ने पीएचडी की उपाधि प्रदान की।
स्वाती ने शोध कार्य एथनोमिडिसिनल प्लांट््स ऑफ टोंक डिस्ट्रिक्ट राजस्थान विषय पर प्रो. दीपज्योति चक्रवर्ती विभागाध्यक्ष बायोसांइस एण्ड बायोटेक्नोलोजी विभाग वनस्थली विद्यापीठ के मार्गदर्शन में सम्पन्न किया। स्वाती को शोधकार्य के लिए भारत सरकार की ओर से रजत जयंती विज्ञान संचारक फैलोशिप-2011 के तहत फैलोशिप भी दी गई है। वर्तमान में डॉ. स्वाती शर्मा डॉ. के. एन मोदी यूनिवर्सिटी में एप्लाइड साइंसेज विभाग में एसिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
इधर, वनस्थली विद्यापीठ में आयोजित दीक्षान्त समारोह में टोंक निवासी डॉ. गरिमा पंचोली को राज्यपाल कलराज मिश्र ने पीएचएडी की उपाधी से सम्मानित किया है। पंचोली ने जयपुर अतरौली घराने की महिला गायक कलाकारों का संगीत में योगदान एक अध्ययन पर शोद्य डॉ संतोष पाठक के निर्देशन में किया।
पीपलू. कस्बे की पूजा पुत्री अशोक अग्रवाल को रविवार को वनस्थली विद्यापीठ में आयोजित 39 वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र ने संस्कृत विषय में पीएचडी पूरी होने पर डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया
ऐसी हो शिक्षा व्यवस्था…
राज्पाल ने दीक्षांत समारोह में कहा कि शिक्षा समग्र, जीवनदायिनी और चरित्र निर्माण करने वाली होनी चाहिए। पंचमुखी शिक्षा से बौद्धिक, व्यावहारिक, कलात्मक, नैतिक एवं शारीरिक शिक्षा प्राप्त होती है शिक्षा का यह जो संयोजित स्वरूप है,जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। कुलपति ईना आदित्य शास्त्री ने कहा कि पांच अप्रेल को वनस्थली विद्यापीठ की छात्राएं अन्तर्राष्ट्रीय पर भाग लेने जाएगी। दीक्षांत समारोह में विद्यापीठ की कुलपति प्रो.ईना आदित्य शास्त्री ने बताया कि राज्यपाल कलराज मिश्र ने सबसे कम उम्र में राज्यसभा सांसद बनने का गौरव हासिल किया।