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8 वीं के बाद शादी होने से छूट गई थी पढ़ाई: शिक्षकों की प्रेरणा से 82 प्रतिशत अंकों से कुक कम हेल्पर ने की 12 वीं कक्षा पास

शिक्षकों के लगातार मार्गदर्शन से कुक कम हेल्पर स्नेहलता सैन ने पढ़ाई की और 500 में से 410 अंक प्राप्त करते हुए 82 प्रतिशत के साथ 12 वीं पास की है। अब वह आगे पढ़ाई जारी रखना चाहती है। उसकी सफलता उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों में मेहनत नहीं कर पाते हैं।  

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8 वीं के बाद शादी होने से छूट गई थी पढ़ाई: शिक्षकों की प्रेरणा से 82 प्रतिशत अंकों से कुक कम हेल्पर ने की 12 वीं कक्षा पास

8 वीं के बाद शादी होने से छूट गई थी पढ़ाई: शिक्षकों की प्रेरणा से 82 प्रतिशत अंकों से कुक कम हेल्पर ने की 12 वीं कक्षा पास

पीपलू. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जयकिशनपुरा की कुक कम हेल्पर शिक्षकों की प्रेरणा व प्रयासों से 12 वीं पास हो गई है। दिनकर विजयवर्गीय ने बताया कि विद्यालय में कुक कम हेल्पर स्नेहलता सैन है, जिसने 2008 में 8 वीं मायके से 55 प्रतिशत से पास की थी। उसके बाद ससुराल आने से उसकी पढ़ाई पूरी तरह छूट गई। पारिवारिक जिम्मेदारियों एवं पति की मदद के लिए सिलाई करने लगी। वहीं विद्यालय में भी कुक कम हेल्पर का कार्य करना शुरू किया।


कुक कम हेल्पर की इस सफलता पर पीईईओ पन्नालाल रैगर, सीबीईओ विष्णु शर्मा, एसीबीईओ नरेंद्र कुमार सोगानी, रिसोर्स पर्सन रङ्क्षवद्र विजय, गोवर्धन प्रसाद स्वर्णकार, शिक्षाविद राकेश कुमार नामा आदि शिक्षकों, ग्रामीणों ने उसकी तारीफ की।

प्रेरित किया तो पढ़ाई शुरू की: 11 साल पढ़ाई से दूर रहने के बाद फिर जागी उम्मीद

2019 में पूर्व प्रधानाध्यापक रामगोपाल शर्मा एवं शिक्षकों ने आगे की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई छोडऩे के 11 साल बाद सत्र 2020 में राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल से 10 वीं का आवेदन किया गया। 11 साल तक किताबों से दूर रहने से उसको फिर से पढऩे में थोडी परेशानी तो हुई लेकिन पूर्व प्रधानाध्यापक रामगोपाल शर्मा एवं स्टाफ शिक्षकों ने सभी विषयों का अध्ययन करवाया। जिसके परिणामस्वरूप जब परिणाम आया तो 65 प्रतिशत बनी। जिससे कुक कम हेल्पर स्नेहलता सैन को आगे बढऩे की इच्छा हुई। उसके बाद राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल से ही 2022 में 12 वीं का आवदेन किया गया।

उच्च शिक्षा के खुले रास्ते

30 वर्षीय कुक कम हेल्पर स्नेहलता सैन के सामने अब उच्च शिक्षा प्राप्त करने के कई रास्ते खुल गए है। वह बीएसटीसी, जीएनएम, एएनएम, बीए बीएड आदि में से एक क्षेत्र में जाने को लेकर अब प्रयास करेगी।


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