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विद्यालयों में छह माह से उधारी में पक रहा विद्यार्थियों का पोषाहार

सरकार के शिक्षा विभाग के ढुलमुल रवैये के चलते लम्बे समय से विद्यालयों के खाते में पोषाहार की राशि नहीं डाले जाने से शिक्षकों को अपने घरेलू खर्चों को कम कर या फिर किराना दुकानदार से उधारी में पोषाहार सामग्री लेकर पोषाहार खिलाना पड़ रहा है।  

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विद्यालयों में छह माह से उधारी में पक रहा विद्यार्थियों का पोषाहार

विद्यालयों में छह माह से उधारी में पक रहा विद्यार्थियों का पोषाहार

दूनी. सरकार के शिक्षा विभाग के ढुलमुल रवैये के चलते लम्बे समय से विद्यालयों के खाते में पोषाहार की राशि नहीं डाले जाने से शिक्षकों को अपने घरेलू खर्चों को कम कर या फिर किराना दुकानदार से उधारी में पोषाहार सामग्री लेकर पोषाहार खिलाना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते शिक्षकों को तनाव झेलना पड़ रहा है। इससे उनमें आक्रोश भी व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से दूनी राउमावि दूनी सहित आधा दर्जन विद्यालयों में ऐसे हालात हैं। शिक्षकों ने बताया कि किराना दुकानदार अब तो बकाया रुपयों की मांग करने लगे हैं। इससे उन्हें शर्मिदंगी झेलनी पड़ रही है।

आधा दर्जन पोषाहार प्रभारी हो रहे परेशान:

दूनी प्रारम्भिक शिक्षाधिकारी एवं प्रधानाचार्य भंवरलाल कुम्हार ने बताया कि वर्तमान में राउमावि में 328, राप्रावि दुर्गापुरा में 67, राप्रावि कंजर बस्ती 83, राप्रावि देवपुरा में 47 व महात्मागांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कक्षा प्रथम से आठवीं तक 265 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों की उधारी में पोषाहार व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखने के साथ ही मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं, सुनवाई नहीं हो रही।

सरकार दे रही 497 खर्च आ रहा 800

शिक्षक संघ राष्ट्रीय महिला कि जिला मंत्री मनीषा जैन ने बताया कि 9 मार्च से अब तक छह माह बाद भी राशि ना आने से अब पोषाहार कार्यक्रम अनवरत चलाने में दिक्कत आने लगी है । पोषाहार दर सवा दो साल से वही है। कक्षा एक से पांच तक के प्रति विद्यार्थी 4.97 व कक्षा 6 से 8 तक के प्रति विद्यार्थी 7.45 रूपए दर है। 1 अप्रैल 20 से अब तक महंगाई रिकॉर्ड तोड़ बढ़ रही।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में पहली से पांचवीं कक्षा तक प्रति विद्यार्थी आवंटित राशि 4.97 रुपए है, यदि किसी विद्यालय में 100 बच्चों की उपस्थिति है और उन्हें मिड डे मील का भोजन कराना है तो कुल खर्च प्रति दिन 497 होगा, जो कि सरकार द्वारा आवंटित राशि है। जबकि विद्यालयों में कुल खर्च 700 से 800 रुपए आता है। वही जहां इससे अधिक विद्यार्थी नामांकित है वहां के विद्यालय की स्थिति क्या होगी।


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