
डिग्गी कस्बे पर कोरोना का साइड इफेक्ट: पांच सौ परिवारों पर खड़ा हुआ रोजी-रोटी का संकट
मालपुरा. जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डिग्गी में सावन मास में लाखों श्रद्धालु पैदल पहुंचकर दर्शन लाभ लिया करते थे, लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पदयात्राओं पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने एवं मंदिर पट पूर्णतया बंद करने से सावन- मास में डिग्गी के बाजार में होने वाला करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ।
सरकार की एडवाइजरी में धार्मिक स्थलों पर दर्शनों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के चलते डिग्गी के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिसके चलते डिग्गी के किराना व्यापारी, होटल व्यवसाई, प्रसाद विक्रेता, खिलौने विक्रेता, टेंट व्यवसाई, धर्मशाला संचालकों एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम सहित हजारों लोगों के रोजगार पर ग्रहण सा लग गया है।
इन दिनों डिग्गी के बाजार में प्रतिदिन 70-8 0 हजार पद यात्री प्रतिदिन दर्शन करने आते थे, जिनसे बाजारों में सभी दुकानदारों के किसी ना किसी रूप में आय हुआ करती थी। वहीं व्यापारियों द्वारा अतिरिक्त स्टाफ लगाकर कार्य की किया जाता था, जिससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर मिलते थे। इन दिनों डिग्गी में चारों ओर तालाब किनारे बस स्टैंड मुख्य बाजारों धर्मशालाओं में यात्रियों का जमावड़ा लगा रहता था, लेकिन इस बार यात्रियों के नहीं आने से बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिससे व्यापारियों में भरी मायूसी छाई हुई है।
ट्रस्ट को हुआ नुकसान
ट्रस्ट की आय पर भी भारी नुकसान हुआ मंदिर ट्रस्ट अहलकार दिनेश शर्मा ने बताया कि 4 माह में श्रद्धालुओं के नहीं आने से लगभग ट्रस्ट को 6 0 से 8 0 लाख रुपए की आय का नुकसान हुआ है। सावन में मास में ट्रस्ट में आय हो जाया करती थी ।
दर्जनों गांव हुए प्रभावित
पद यात्रियों से लावा, पचेवर, चौसला, सोडा, मालपुरा सहित कहीं गांव के व्यापारियों को भी पद यात्रियों के नहीं आने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मालपुरा के थोक व्यापारियों को इस बार भंडारे नहीं लगने से भारी नुकसान हुआ है। डिग्गी बाजार के व्यापारियों द्वारा थोक व्यापारियों से ही माल खरीदा जाता था।
दहलीज पर भी नहीं टेक सकेंगे मत्था
डिग्गी कल्याण के जयपुर से रविवार को शुरू होने वाली लक्की पदयात्रा स्थगित कर दिए जाने के बाद भी सैकड़ों लोगश्रीजी के दर्शन करने के लिए अपने स्तर पर वाहनों से पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से मंदिर के मुख्य द्वार का छिद्र बंद कराए जाने के बाद शुक्रवार की शाम को बैरिकेड्स पर बलिया बांध दिए जाने से अब श्रद्धालुओं को दहलीज पर भी मत्था नहीं टेकने का अवसर मिलेगा।
Published on:
26 Jul 2020 11:58 am
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