
क्षतिग्रस्त सड़कों दिवाली से पहले की जाए मरम्मत- जिला कलक्टर
क्षतिग्रस्त सड़कों की दिवाली से पहले की जाए मरम्मत- जिला कलक्टर
जिला कलक्टर ने समीक्षा बैठक
टोंक. जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने चिकित्सा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, आरयूआईडीपी एवं नगर परिषद के अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक ली। इसमें जिला कलक्टर ने जिले में प्रगतिरत सड़कों के रिपेयर कार्य, पेचवर्क, नगर परिषद क्षेत्र टोंक में नवीन सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य की समीक्षा की।
उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता आर. के. गुप्ता को निर्देश दिए कि दीपावली से पहले टोंक शहर की जिन सड़कों का नवीनीकरण सम्भव न हो उन्हें पेचवर्क कराकर ठीक कराएं, ताकि त्योहार पर आमजन को असुविधा न हो। जिले की ग्रामीण क्षेत्र की डीएलपी, नॉन डीएलपी सड़कों के रिपेयर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका के गत 13 अक्टूबर के अंक में 'बदहाल सड़कें दे रही लोगों को जख्मÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद सड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण के आदेश दिए हैं।
जिला कलक्टर ने आरयूआईडीपी के अधिशासी अभियंता हरिसिंह मीणा को टोंक शहर में सीवरेज एवं जल वितरण लाइन के प्रगतिरत कार्य से क्षतिग्रस्त सड़कों के रिपेयर कार्य एवं गड्ढों को पूर्ण रूप से भरने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुकिंग पैकेज को बढ़ाए। जिन चिकित्सालयों की पैकेज बुकिंग प्रगति कम थी, उस पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए जिला कलक्टर ने सीएमएचओ देवप्राज मीणा को चिकित्सा स्टाफ को योजना को लेकर बेहतर काउंसलिंग करने के निर्देश दिए।
बदहाल सड़कें दे रही लोगों को जख्म
जिले के ग्रामीण ही नहीं शहरों की सड़कें भी बदतर है। आलम यह है कि जिला मुख्यालय की सड़कें गांवों के समान है। हिचकोले खाते वाहनों में सफर करना मजबूरी बन गई है। जिला मुख्यालय में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों की सड़कें खराब हो चुकी है। शहर की गलियों व अन्य इलाकों में सड़कों के हालात सीवरेज और पानी की लाइन डाल रही आरयूआइडीपी ने कर दी है।
सड़कों को खोदकर पाइप लाइन तो डाल दी गई, लेकिन अब उनकी मरम्मत और निर्माण में अनदेखी बरती जा रही है। ऐसे में वहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाउसिंग बोर्ड के लोग तो कई बार प्रदर्शन भी कर चुके, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
लोगों को परेशानी
शहर की कॉलोनियों की गलियों में सीवरेज और पानी की लाइन डालने के लिए सड़क खोदने के बाद दोबारा मरम्मत शुरू नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्ग उधड़े हुए हैं। जयपुर बायपास में छावनी की ओर, बमोर मार्ग, डिपो मार्ग तथा जेल रोड के हालात खराब है। कॉलोनीवासियों की सुनवाई तक नहीं हो रही है।
वहीं सीवरेज लाइन डालने की मॉनीटिरिंग भी सही तरीके से नहीं हो रही है। ऐसे में लाइन डालने के बाद उसके कर्मचारी कई दिनों तक उस ओर वापस रुख नहीं करते हैं। ऐसे में कई दिनों तक उधड़ी सड़क से लोग परेशान रहते हैं। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर डाली गई लाइन के बाद मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई। ऐसे में पेचवर्क फिर से उखड़ गया है।
इसके चलते दुकानदारों को जहां वाहनों के गुजरने से उड़ती धूल से परेशानी हो रही है। वहीं पेचवर्क में डाले गए कंकर वाहनों के टायर से उछलकर दुकान तक पहुंच जाते हैं। शहर में अन्य शहरों व जिलों से आने वाले लोग इसकी बदसूरती देखकर दंग रह जाते हैं। प्रशासन को चाहिए कि सीवरेज कार्य की मॉनीटिरिंग प्रति दिन कराए। साथ ही जिस गली में लाइन डाली जानी है, उसमें अंतिम कार्य होने तक अन्य मार्ग पर खुदाई नहीं होनी चाहिए।
Updated on:
16 Oct 2022 08:38 pm
Published on:
16 Oct 2022 08:37 pm
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