
राजमहल . कार्तिक स्नान को लेकर शुक्रवार को भी दिनभर दह किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर दह के पानी में दीपदान किया।
नगरफोर्ट. जिले में मिनी पुष्कर के नाम विख्यात प्राचीन मांडकला सरोवर में कार्तिक स्नान के लिए विभिन्न कस्बों व गांवों से श्रद्धालुओं का आगमन कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या से शुरू हो गया है। शनिवार अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के स्नान का दौर शुरू होगा और देर शाम तक चलेगा। कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर विभिन्न समाजों के मंदिरों में दर्शन व ठहराव के लिए विशेष व्यवस्था की गई हैं।
वहीं मंदिरों को रोशनी से सजाया गया है। धाकड़ समाज के स्थानीय प्रवक्ता ओम प्रकाश ने बताया कि धाकड़ समाज के धरणीधर मंदिर के दर्शनों को लेकर विभिन्न गांवों से पदयात्राएं भी अलसुबह ही पहुंचेगी। वहीं टोंक से माली समाज, नैनवां से साहू समाज, कनवाड़ा, उनियारा व देवली से भी विभिन्न समाजों की पदयात्राएं यहां पहुंचेगी।
करीब आठ बीघा भूमि पर जल राशि के चारों और प्राचीन मंदिरों व स्नानघाटों व मध्य में टापू पर प्राचीन बालाजी मंदिर है। किवंदती है कि इस सरोवर में मेंढक नहीं हैं। वहीं ऐसा कहा जाता है कि ब्रह्म ऋषि माण्डव जब तपस्या के लिए पुष्कर के जंगलों में पहुंचे तो उन्हें स्थान नहींं मिलने पर क्रोधित ऋषि ने पुष्कर राज को श्राप दिया कि ऐसा स्थान विकसित करेंगे, जो कालान्तर में पुष्कर की भांति ही कार्तिक स्नान के लिए फलीभूत होगा।
बाद में इस जंगल में आकर घोर तपस्या की और मांडकला सरोवर का प्राकट््य हुआ। वहीं आजादी के बाद से ही यहां पशु मेला निरन्तर कार्तिक पूर्णिमा से ही एक पखवाड़े के लिए आयोजित होता रहा है।
प्राधिकरण में पंजीकृत
वर्षों के मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय मेला प्राधिकरण ने मांडकला मेले का पंजीकरण किए दो वर्ष से भी अधिक का समय बीत गया, लेकिन मेला प्राधिकरण की अनदेखी के चलते इस मेले को उच्च स्तर से प्रबंधन व विकास के लिए कोई अनुदान व निर्देशन प्राप्त नहीं हो रहा हैं।
पवित्र सरोवर में लगाएंगे डुबकी
टोंक. जिले में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को दीपदान समेत धार्मिक आयोजन होंगे। इस मौके पर कार्तिक स्नान कर रही महिलाएं अलसुबह बनास नदी व सरोवरों पर पहुंचकर स्नान करेंगी। मंदिरों में पूजा- अर्चना की जाएगी।
नहीं की बसों की अतिरिक्त व्यवस्था
उनियारा, नैनवां व टोंक से विशेष बसों की व्यवस्था नहीं होने से जीपों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों एवं जुगाड़ में बैठने को श्रद्धालुओं की मजबूरी है। थाना प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि मेला एवं स्नान घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन डूबने से होने वाली दुर्घनाओं से बचाव के लिए नाव व बचाव दल की कोई व्यवस्था नहीं हैं। सरपंच घनिष्ठा सुवालका करीब 11 बजे ध्वजारोहण कर मेले की शुरुआत करेगी। मेला आगामी 26 नवम्बर तक चलेगा।
बीसलपुर में मेला आज
राजमहल . बीसलपुर बांध के करीब गोकर्णेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा मेला शनिवार सुबह शिव पार्वती झांकी सजाकर महाआरती के साथ शुरू होगा। दह में कार्तिक माह के अंतिम स्नान करने के लिए तीन दिन से ही कोटा , बूंदी, भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर जिलों के गांव-कस्बों से महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
कार्तिक स्नान को लेकर शुक्रवार को भी दिनभर दह किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर दह के पानी में दीपदान किया। कई श्रद्धालुओं ने पवित्र दह में डुबकी लगाने के साथ ही मछलियों को आटा डालकर पुण्य कमाया। इधर, जगह के अभाव में पानी के हादसे की आशंका को लेकर दिनभर बीसलपुर पुलिस चौकी के जवानों ने गश्त कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में नहाने से रोका।
Published on:
04 Nov 2017 09:07 am
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