
ज़िले के पहली गोशाला: जहां 1100 गोवंशों को मिलेगा आश्रय, पशु चिकित्सालय व आईसीयू की होगी व्यवस्था
टोंक/राजमहल. कस्बे के साथ ही निकटवर्ती राष्ट्रीय राजमार्ग के करीबी पंचायत संथली, बंथली, पौल्याडा, सिरोही, गांवड़ी आदि क्षेत्र में आवारा घूमते गोवंश को जल्द ही शरणस्थली मिलने के साथ ही चारे पानी के संकट से निजात मिलने की आस जगी है।
आवारा गोवंश की देखरेख के लिए ग्रामीणों के सहयोग से गांवड़ी व सिरोही गांव के बीच करोड़ों की लागत पर ढाई बीघा भूमि में गोवंश का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर जिले का सबसे बड़ा पशु चिकित्सालय युक्त जिसमें आईसीयू की व्यवस्था के साथ पहली गोशाला होगी।
व्यवस्थापक धीरेन्द्र पांडे वृंदावन के बताया कि गोवंश का लक्ष्य 1100 गोवंश को एक साथ गौशाला में रखना है। जिसकी कीमत करोड़ों में है। वर्तमान में गोवंश में 500 फीट लम्बाई व 100 फीट चौड़ाई व 25 फीट ऊंचाई के शेड का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसकी अनुमानित लागत करीब ढाई करोड़ रुपए है।
राजमार्ग पर मरते गोवंश से बनाया लक्ष्य गोवंश के व्यवस्थापक धीरेन्द्र पांडे ने बताया कि वो पिछले कई महीनों से क्षेत्र में श्री मद भागवत कथा का आयोजन करवा रहे हैं। ऐसे में उन्हें क्षेत्र के संथली बंथली पौल्याडा सिरोही आदि क्षेत्र स्थित राजमार्ग पर आये दिन दुर्घटना में गोवंश की मौत होते देखते थे।
जिससे उन्होंने क्षेत्र में गोवंश निर्माण करवाने का लक्ष्य बना लिया जो अब साकार होता नजर आ रहा है। पांडे ने बताया कि इस वर्ष बारिश से पूर्व ही आवारा भटकते लगभग 1100 गोवंश को गोवंश में रखने का लक्ष्य है। आर एम 1304सीए-राजमहल। गांवड़ी व सिरोही के बीच निर्माणाधीन गोवंश।
Published on:
13 Apr 2023 08:25 am
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