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उपचार के अभाव में घायल बालिका ने तौड़ा दम, पोस्टमार्टम के लिए भी परिजन होते रहे परेशान

दुर्घटना में मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। परिजनों ने मोर्चरी के बाहर एक घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया।  

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सआदत अस्पताल

टोंक. सआदत अस्पताल में दुर्घटना में मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। परिजनों ने मोर्चरी के बाहर एक घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया।

टोंक. चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने से मरीजों की सांसें अटकी हुई है। उपचार के अभाव में मालपुरा में एक नवजात की मौत हो चुकी है। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीज कम्पाउण्डरों के भरोसे उपचार करा रहे हैं। हालांकि मरीज कई निजी चिकित्सालय में उपचार कर रहे हैं, लेकिन उनका उपचार मरीज की जेब पर भारी पड़ रहा है। इधर, सआदत अस्पताल में दुर्घटना में मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। परिजनों ने मोर्चरी के बाहर एक घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया।


बरवास. आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कर्मचारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में चिकित्साकर्मी व पैरामेडिकल स्टाफ सम्मिलित रहा। आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयुष चिकित्साकर्मियों को भी लगाया गया, लेकिन आयुर्वेदिक दवा के अभाव में मरीजों को लाभ नहीं मिल सका।

दो चिकित्सकों के भरोसे
सआदत अस्पताल में करीब 5 दर्जन चिकित्सकों के पद सृजित हैं। इसके बावजूद मरीजों के हाल बेहाल रहते थे। उनके हड़ताल पर चले जाने से प्रशासन ने निजी चिकित्सालय के दो चिकित्सकों को लगा दिया, लेकिन रोगियों की भरमार के आगे वे परेशान हो गए।

इसको देखते हुए अब दो और चिकित्सक लगाए जाएंगे। इसके अलावा सुबह-शाम की पारी में जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम अस्पताल का दौरा करेगी। ये आदेश जिला कलक्टर सूबेसिंह यादव ने मंगलवार दोपहर बाद सआदत तथा मातृ एवं शिश चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान दिए। यादव ने बताया कि मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

कोई भी मरीज बिना उपचार नहीं रहेगा। इसके लिए निजी चिकित्सकों को और बुलाया जाएगा। इसके अलावा भामाशाह पंजीयन वाले मरीजों को निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराया जाएगा।

मरीज भटके
मालपुरा. अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में त्याग पत्र दे चुके चिकित्सकों के मंगलवार को भी कार्य पर नहीं लौटने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 17 चिकित्सकों के बदले में 6 आयुर्वेद व 1 यूनानी चिकित्सक की सेवाएं उपलब्ध होने से रोगियों को इनकी शरण लेनी पड़ रही है।


अलीगढ़ . सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सकों की हड़ताल चलते चिकित्सा सेवाएं चरमराने लगी है। अब आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने कमान सम्भाल ली है।