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राशन दुकानों पर तौल में नहीं होगा झोल, पॉस मशीनों को ई-तराजू से किया जा रहा लिंक

उपभोक्ताओं को तय समय पर पूरा तौल के साथ रसद सामग्री उपलब्ध कराने के लिए रसद विभाग ने व्यवस्था में बदलाव किया है। नई नीति के तहत कोई भी उपभोक्ता यह नहीं कह सकता कि उसे राशन की सामग्री कम मिली है।  
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राशन दुकानों पर तौल में नहीं होगा झोल, पॉस मशीनों को ई-तराजू से किया जा रहा लिंक

राशन दुकानों पर तौल में नहीं होगा झोल, पॉस मशीनों को ई-तराजू से किया जा रहा लिंक

राशन की दुकानों पर डीलर अब किसी तरह से तौल में गडबड़ी नहीं कर सकेंगे। खाद्यान्न वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए पॉस मशीनों को ई-तराजू से लिंक किया जा रहा है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने में मदद मिलेगी।

इस मशीन की खासियत यह होगी कि ग्राहकों को दिए जाने वाले खाद्यान्न का पूरा हिसाब रखा जाएगा। विभाग की ओर से इसके लिए सभी उचित मूल्य की दुकानों की पॉस मशीनों को डिजिटल वैट मशीनों (ई-तराजू) से जोडऩे का कार्य किया जा रहा है।

प्रति माह पांच किलो ग्राम गेहूं

टोंक जिले में कुल 551 व दौसा जिले में 788 उचित मूल्य की राशन की दुकानें संचालित हैं। खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े करीब चार लाख से अधिक उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री अन्न कल्याण योजना के तहत प्रति उपभोक्ता को प्रति माह पांच किलो ग्राम गेहूं उपलब्ध कराया जाता है।

ना कम ना ज्यादा होगी तुलाई

इस डिजिटल वैट मशीन से पॉस मशीन को जोडऩे से ना तो कम और ना ही ज्यादा रसद सामग्री मिलेगी, बल्कि पूरी निर्धारित तौल से ही सामग्री मिल पाएगी। यदि किसी ने कम रसद सामग्री देने की कोशिश भी की तो पॉस मशीन उसको स्वीकार नहीं करेगी। इसी प्रकार एक ग्राम भी अधिक तौल आने पर पॉश मशीन से वितरण पर्ची नहीं निकलेगी। कांटे पर निर्धारित वजन होने पर ही पॉश मशीन से पर्ची निकलने के बाद ही कांटे पर रसद सामग्री की तुलाई होगी।

हक की पूरी सामग्री मिलेगी

राशन की दुकानों पर मिलने वाली रसद सामग्री के कालाबाजारी और खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की आने वाली शिकायतों पर रोक लगाने में यह कदम कारगर साबित होगा। ऐसा रसद वितरण व्यवस्था को हाईटेक करने के लिए यह किया जा रहा है, जिससे पात्र राशन कार्ड धारक को उसके हक की पूरी रसद सामग्री मिल सकेगी।

अभी ये है प्रक्रिया

वर्तमान में राशन की दुकानों पर रसद लेने के लिए पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद कार्डधारक अपने हिस्से का खाद्यान्न लेते हैं। लेकिन आगे पॉस मशीन से वैट मशीन को जोडऩे के बाद लाभार्थी को अंगूठे का निशान लगाने के बाद उन्हें खाद्यान्न का लाभ मिलेगा।

वेबसाइट पर मिलती रहेगी जानकारी

इस व्यवस्था से विभाग को खाद्यान्न वितरण की सही स्थित की जानकारी भी विभागीय वेबसाइट पर मिलती रहेगी। इससे कोटेदारों की मनमानी पर रोक लगने के साथ अनाज वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर भी अंकुश लग जाएगा।

टोंक: राशन डीलर

ब्लॉक शहरी ग्रामीण
देवली 07 85
मालपुरा 12 78
निवाई 12 71
पीपलू 00 44
टोडारायङ्क्षसह 08 53
टोंक 48 73
उनियारा 05 73

दौसा: राशन डीलर
ब्लॉक शहरी ग्रामीण
दौसा 41 68
नांगल राजावतान 00 44
बैजूपाड़ा 00 51
बसवा 00 47
बांदीकुई 16 59
महुवा 16 117
रामगढ़ पचवारा 00 51
लवाण 00 2 7
लालसोट 13 95
सिकंदरा 00 58
सिकराय 00 85

पूर्व में जिले की सभी उचित मूल्य की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक डिजीटल काटें उपलब्ध करवा दिए गए है। अब इन कांटों को ऑनलाइन करके पॉस मशीन से जोड़ा जा रहा हैए ताकि पात्र उपभोक्ताओं सही मात्रा में रसद सामग्री मिल सकें।
मोहन लाल देव, जिला रसद अधिकारी टोंक

जिले में 43 दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक डिजीटल कांटे लग चुके हैं। शीघ्र सभी दुकानों पर सभी जगह लगाए जाएंगे। इससे खाद्यान्न तौलने में पारदर्शिता आएगी।
हितेश मीना, जिला रसद अधिकारी दौसा