टोंक. एआईएमआईएस के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी रविवार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनैतिक जमीन तलाशने टोंक पहुंचे। जिनका छावनी , गोल हवेली सहित बड़ा कुआं से घण्टाघर तक रोड शो में स्वागत किया गया। ओवेसी ने गांधी खेल मैदान टोंक में आयोजित जनसभा में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को अब टोंक भूल जाने की नसीहत देते हुए कहा कि वो अब नई गुर्जर बाहुल्य सीट तलाशे टोंक को भूल जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में टोंक सहित राज्य की 30 सीटों से उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत आरक्षण मुसलमानों को भी मिलें।
औवेसी ने कांग्रेस एवं भाजपा को कोसते हुए मुसलमानों से कहा कि चुनाव के वक्त दोनों ही दल आपको वोट बैक के रूप में इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि आपके लिए कोई नेता आसमान या जमीन से नही आएगा बल्कि आपको ही नेता बनना पड़ेगा इतना ही नही अपने हकों के लिए फैसले भी खुद को ही लेना पड़ेगा।
औवेसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जुनेद, नासिर हत्याकांड पर कुछ नहीं बोलते है। भाजपा-कांग्रेस ने मुसलमानों को मजाक बनाकर रख दिया है। गौरक्षा के नाम पर यह कौन लोग है जो सरे आम हथियार लेकर चलते है और मुसलमानों को मार देते है। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री क्या आपकी पार्टी इनको रोकेगी। प्रधानमंत्री चाहे तो यह मसला दस मिनट में समाप्त हो सकता है। मोदी कहते है कि एक मोदी सब पर भारी, क्या प्रधानमंत्री इन हत्यारे जालीम गौरक्षों पर पड़ेगें। प्रधानमंत्री आप गांधी को मानते है तो जुनेद व नासिर को मारने वाले गौडसे की नाजायज इन औलादों को जेलों में डालेगें। यह गांधी से नफरत करने वाले लोग है, ओवैसी ने मोदी से पूछा कि वो मुसलमानों के प्रधानमंत्री है या नहीं, यदि है तो मुसलमानों को उनका हक देवे।
उन्होंने कहा कि चुनाव में सेकुलरिजम के नाम से वोट मांगे जाते है लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई आकर नही पूछता। मुसलमानों को कभी गौ हत्या के नाम से गौरक्षकों की और से मारा जाता है तो कभी लव जिहाद के नाम से लेकिन कोई मुसलमानों का साथ नही देता। उन्होंने जनसभा में सवाल दागते हुए कहा कि इसका कारण पता है न तो संसद में ही विधानसभा मे कोई नुमाइंदगी नही है। चाहे लोकसभा हो या विधानसभा वहां जाति, धर्म , सवर्ण व ओबीसी आदि की या तो आबादी के मुताबिक या उससे अधिक नुमाइंदगी है लेकिन मुसलमानों की नही।
ओवेसी ने अपने विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग कहते है कि ओवेसी या उसकी पार्टी का कोई व्यक्ति चुनाव लड़ता है तो कहते है कि ये मुसलमानों के वोट काटने के लिए खड़े होते है। अब आपको खुद को समझना होगा कि अपनी वोट की ताकत को समझे तथा आपके हकों के लिए ओवेसी का साथ दे।