
न्यायालय आदेश बेअसर: मोर ग्राम पंचायत में चरागाह भूमि से नहीं हटाया अतिक्रमण
टोडारायसिंह . उपखण्ड की मोर ग्राम पंचायत में न्यायालय आदेश के बावजूद बीते एक वर्ष में सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उल्लेखनीय है कि उपखण्ड की मोर ग्राम पंचायत में करीब 1200 बीघा चरागाह व सिवायचक भूमि पर प्रभावशाली लोगों ने अनाधिकृत अतिक्रमण कर न केवल काश्त कर रहे हैं। बल्कि पक्के निर्माण कर दर्जनों बीघा चरागाह की बेशकीमती भूमि पर काबिज है। इधर, अतिक्रमण से न केवल मवेशियों को चराने की समस्या बल्कि आम रास्तों पर अतिक्रमण से आमजन भी आवाजाही से परेशान है। इसको लेकर कई बार उपखण्ड प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इससे आहत ग्रामवासी श्रवणलाल गुर्जर की याचिका पर गत नवम्बर 2021 में उच्च न्यायालय ने जिला व उपखण्ड प्रशासन को मोर पंचायत की चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद उपखण्ड प्रशासन ने गत फरवरी 2022 में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन आंशिक क्षेत्र में ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर इतिश्री कर दी।
प्रशासन की ओर से बीते वर्ष में अतिक्रमण क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र में चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इधर, राजस्व विभाग ने अतिक्रमण हटाने में ग्राम पंचायत की ओर से सहयोग नहीं करने की बात कही। उन्होंने बताया कि संसाधन उपलब्ध नहीं कराने से अतिक्रमण पूरा नहीं हटाया जा सका। यहीं हाल ग्राम पंचायत भासू में है। जहां न्यायालय आदेश के बावजूद आंशिक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाकर कागजी खानापूर्ति की गई है।
पंचायत के पांच लाख रुपए बकाया
&अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के निर्देश पर ग्राम पंचायत की ओर से जेसीबी मशीनें उपलब्ध कराई गई थी, जिनका करीब पांच लाख रुपए बकाया चल रहा है। जनसुनवाई के अलावा उपखण्ड व जिला प्रशासन को कई बार व्यक्तिगत अवगत कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
आशा सैनी, सरपंच, ग्राम पंचायत, मोर।
Published on:
11 Mar 2023 08:12 pm
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