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राजस्थान के एक दर्जन गांव में लाठी व टॉर्च के साथ कट रही किसानों की रात

बघेरे का भय :अब तक किए पचास से अधिक शिकारसांझ गहराते ही गांव की गलियों में हो जाता है सन्नाटा

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राजस्थान के एक दर्जन गांव में लाठी व टॉर्च के साथ कट रही किसानों की रात

राजस्थान के एक दर्जन गांव में लाठी व टॉर्च के साथ कट रही किसानों की रात


टोंक. जिले के निवाई उपखण्ड के एक दर्जन गांवों के किसानों की रात भय में कट रही है। गत सप्ताह में बघेरे द्वारा तीन मवेशियों का शिकार किए जाने के बाद किसान हाथ में टॉर्च व लाठियां लेकर समूह में अलाव ताप कर सर्द रातों में फसलों की सुरक्षा कर रहे है। वहीं वन एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार बघेरों से मुक्ति दिलवाई जाने की मांग के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जानकारी अनुसार निवाई उपखण्ड में अरावली पर्वतमाला के आस-पास बसे गांव नोहटा, करीरिया, कांटोली, रहड़, बहड़, बस्सी किवाड़ा में विगत ढाई वर्ष से बघेरे का मूवमेंट बना हुआ है। बघेरा पहाडिय़ों से निकल कर पशुओं, पालतू जानवरों, बेसहारा मवेशियों, नील गाय, श्वानों सहित अन्य जंगली जानवरों का शिकार कर रहे है, जिससे ग्रामीण भी भयभीत है। अंधेरा होने के साथ ही गांव की गलियों में सन्नाटा पसरना शुरू हो जाता है। बघेरे आसनी से मवेशियों का शिकार कर वापस पहाड़ में बनी गुफा में चले जाते है। तत्कालीन रेंजर दिनेश दोतानिया ने विभाग को बघेरे को पकड़वाने के लिए संसाधन भिजवाने के लिए कई बार पत्र भी लिखे, लेकिन उच्चाधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, उनके अनुसार क्षेत्र में तीन बघेरे है, जिनमें एक पकड़ा जा चुका है।

एक बार खदेड़ चुके है ग्रामीण
गांव नोहटा में ९ अगस्त को सुबह एक भैंस का शिकार करने आए बघेरे को ग्रामीणों ने हाथों में लाठियां लेकर तेज आवाज कर भगा दिया। तब भी ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को उसकी लोकेशन बताते हुए सूचना दी, लेकिन अधिकारी मौके पर भी नहीं आए।

अब दिन में नहीं मिल रही बिजली
गत वर्ष बघेरे के विचरण से प्रभावित आधा दर्जन गांवों के लोगों ने उपखण्ड अधिकारी के यहां धरना प्रदर्शन कर रात के बजाय दिन में आपूर्ति दिए जाने की मांग की थी। इस पर उक्त क्षेत्र के किसानों को दिन में आपूर्ति शुरू की गई थी, लेकिन किसानों द्वारा मांग किए जाने के बाद भी रात को ही आपूर्ति की जा रही है।

करवा चुके अवगत
नोहटा में बघेरों के लगातार मूमेंट होने और मवेशियों का शिकार करने के मामले में ग्राम पंचायत नोहटा सरपंच काली देवी ने मंगलवार को महेश गुप्ता सीसीएफ अजमेर को लिखित पत्र व्हाट्सएप पर भेजकर अवगत कराया कि गांव नोहटा की पहाडिय़ों में पांच बघेरे ह, जिनको पक?कर अभ्यारण्य में भिजवाने की मांग की है। सरपंच ने लिखित पत्र की प्रतिलिपि वन मंत्री, जिला कलक्टर टोंक सहित वन विभाग के अधिकारियों को भी भेजी है।

पिंजरा नहीं लगाया
अभी तक बघेरे में वन क्षेत्र में शिकार किए है। एक पखवाड़े से चार जनों की क्षेत्र में ड्यूटी लगाई गई है। संख्या के बारे में स्पष्ट रूप से कहा नहीं जा सकता है। लोगों को वन क्षेत्र में जाने से मना किया जा रहा है। फिलहाल पिंजरा नहीं लगाया गया है।
हरेन्द्र सिंह, रेंजर, वन विभाग, टोंक