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video: छात्राओं को पढ़ाई छोडकऱ पानी के लिए करनी पड़ रही मशक्कत, कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में जलापूर्ति हुई ठप

पानी की मांग को लेकर बालिकाओं ने विद्यालय के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 24 Nov 2017, 8:40 AM IST

पानी के लिए प्रदर्शन

आवां के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पानी के लिए प्रदर्शन करती छात्राएं।

आवां. जलदाय विभाग की अनदेखी से कस्बे की जलापूर्ति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। इसमें सुधार की मांग को लेकर गुरुवार को कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की बालिकाओं ने विद्यालय के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया। सरपंच राधेश्याम चन्देल की समझाने व उचित कार्रवाई के आश्वासन पर छात्राएं शान्त हुई।

इसके कुछ देर बाद ही अपने गांव पहुंचे कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने छात्राओं की शिकायत पर जलदाय विभाग के अभियन्ताओं को कड़ी फटकार लगाते हुए विद्यालय में तत्काल ट्यूबवैल लगाने के निर्देश दिए। इससे पहले छात्राओं ने बताया कि वे लगभग एक पखवाड़े से पढ़ाई छोडकऱ अस्पताल परिसर में लगे हैण्डपम्प से पानी लाने को मजबूर हैं।

उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत करने पर भी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा। दुर्गाशंकर पारीक, सुरेश जैन, कौशल जैन, प्रकाश, अनिल आदि ने बताया कि तकनीकी खामियों से जलापूर्ति ठप है। पाइप लाइनें अवरूद्ध व क्षतिग्रस्त हैं। मोटर जलने, ट्यूबवैलों का जलस्तर गिरने से कई स्थानों पर आपूर्ति नहीं हो रही। बंथली से की जानी सप्लाई भी एक अर्से से बंद है।


जल्दी ही लगाएंगे ट्यूबवैल
इन शिकायतों को सुनने के बाद कृषि मंत्री ने क्षेत्र में बीसलपुर का पानी पहुंचाने के लिए जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल से दूरभाष पर वार्ता की तथा परियोजना अधिकारियों को गतिरोध दूर कराने के उपाय भी सुझाए।

जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता रामनिवास मीना ने बताया कि कृषि मंत्री के निर्देश पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नया ट्यूबवैल लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

दो-तीन दिन में पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। कस्बे की बिगड़ी पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए भी टीम भेज तकनीकी खामियां दूर की जा रही है।

आठ दिन में भी नहीं आता पानी
दूनी. कस्बे की जलापूर्ति गड़बड़ाई हुई है। हालत ये है कि आठ दिन में भी आपूर्ति नहीं की जा रही। उन्हें महंगी दर से टैंकर से पानी खरीदना पड़ रहा है। कस्बे के लोगों ने बताया कि जलदाय विभाग के ठेकेदार की मनमानी व आए दिन लाइन का टूटना सिर दर्द बना हुआ है। लगातार आठ दिन से घरों में पानी नहीं आ रहा। मवेशियों की खेळ रीती होने से उन्हें दर-दराज ले जाना पड़ रहा है।