
video: राजस्थान में यहां बकरी के दूध से महिलाएं बना रही है साबुन, चर्म रोग से सम्बंधी अन्य रोगों में मिलेगा फायदा
बंथली(दूनी). अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा और आत्मविश्वास हो तो कोई कार्य कठिन नहीं है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया दूनी स्थित सृजन संस्था की मैत्री महिला डेयरी से जुड़ी महिलाओं ने।
महिलाओं ने बकरी के दुध से कई प्रकार के चर्म रोगों से मुकाबला करने वाला चार प्रकार का खुशबुदार नहाने का साबून तैयार कर बाजार में बिक्री के लिए जारी किए है।
राज्य ड्रग्स कन्ट्रोल ऑर्गेनाइजेशन व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से स्वीकृति मिलने व कालानाड़ा मार्ग पर स्वीकृत लाखों की लागत से इकाई स्थापना होने पर महिलाएं अधिक मात्रा में साबुन तैयार कर बाजार में बड़ी कम्पनियों से सीधा मुकाबला करने लगेंगी।
महिलाएं अभी कम मात्रा में साबुन तैयार कर मांग के अनुसार बाजार में विक्रय कर रही है। मैत्री महिला डैयरी एवं एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर कम्पनी निदेशक मीरा चौधरी ने बताया कि कई प्रकार की समस्याओं से रूबरू होने के बाद बकरी के दुध से साबून बनाने की सहमति बनी।
उन्होंने बताया कि बनाई गई साबुन को पहले आरएसीपी, मैत्री, सर्जन संस्था स्थित जयपुर, टोंक व दूनी के कर्मचारियों-अधिकारियों को विक्रय की गई। धीरे-धीरे उनके साथ-साथ अन्य लोग भी साबुन की खुबियां जानने के बाद मांग बढऩे पर समूह की महिलाएं सैकड़ों साबुन बनाकर विक्रय कर चुकी है।
तैयार की चार प्रकार की साबुन
समूह महिलाओं ने बकरी के दुध से चार प्रकार नीम, चारकोल, कलर व सफेद साबुन तैयार कर पेकिंग की। सभी चारों साबुन का वजन 75 ग्राम रखा गया।
इसमें नीम साबुन 70, चारकोल 80, कलर साबुन 75 व सफेद साबुन 65 रुपए कीमत की रखी गई। इकाई प्रभारी सुरेश धाकड़ ने बताया कि साबुन बनाने के लिए नारियल, पॉम, जैतून, चावल भूसी, अरण्डी तेल, कास्टिक सोड़ा व बकरी का दुध ठंड़े तापमान में रखा जाता है एवं जमने के बाद साबुन बनाने का कार्य किया जाता है।
उन्होंने बताया की मांग के अनुसार अब तक 400 साबुन बाजार में विक्रय की जा चुकी हैं। वहीं जयपुर की एक फर्म ने अधिक साबुन की मांग की है।
उन्होंने बताया बाजार में करार के बाद बकरी के दुध से निर्मित साबुन का अधिक मात्रा में निर्माण करवाया जाएगा। बकरी के दुध से निर्मित साबून से चर्म रोग सम्बंधी बीमारियां दूर होने के साथ ही एलर्जी, दाद, खाज व एग्जिमा बीमारी में लाभ होगा व चेहरे पर झुर्रियां भी मिटाएगी।
महिलाओं की आय में होगी वृद्धि
इससे महिलाओं का व्यापार तो बढ़ेगा साथ ही आय में भी वृद्धि होगी। इससे घर-घर में महिलाएं और उनका परिवार खुशहाल एवं समृद्ध होगा।
1171 महिलाएं है जुड़ी
मैत्री महिला डैयरी एवं एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर कम्पनी के मुख्य लेखाकार राजकुमार सैनी ने बताया कि साबुन इकाई में करीब 1171 महिलाएं जुड़ी हुई है। इन्होंने करीब एक-एक हजार रुपए एकत्रित कर साबुन निर्माण इकाई को आगे बढ़ाने में सहयोग किया हैं। उन्होंने बताया कि कालानाड़ा मार्ग पर करीब 9 लाख पचास हजार की लागत से साबुन इकाई के भवन निर्माण होगा। इसके बाद अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर साबून निर्माण इकाई से जोडा़ जाएगा।
फोटो-बीएन2304सीए
बंथली. दूनी कस्बा स्थित मैत्री महिला डैयरी के कार्यालय में बकरी के दुध से साबुन तैयार करती महिलाएं।
फोटो-बीएन2304सीबी
बंथली. दूनी कस्बा स्थित मैत्री महिला डैयरी के कार्यालय में महिलाओं की ओर से बकरी के दुध से तैयार की गई विभिन्न प्रकार की साबून।
सर टोंक में सीएमएस व विडियो टाइम दोनों ही काम नही कर रहा है
सादर
टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा चुनाव में हुए मतदान का प्रतिशत किस को दिलाएगा जीत, कमेंट कर दे अपनी राय
भाजपा कांग्रेस
Published on:
02 May 2019 05:23 pm
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
