
टोंक. जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन मंगलवार रात बड़ा कुआं स्थित शाही जामा मस्जिद में हुआ।
टोंक. जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन मंगलवार रात बड़ा कुआं स्थित शाही जामा मस्जिद में हुआ। इसमें मदरसा मोईनुल इस्लाम तालीमुल इस्लाम की ओर से हाफिजों की दस्तारबंदी की गई तथा सनद से नवाजा किया गया। जलसे की सदारत मौलाना मोहम्मद सईद अहमद ने की। शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से की गई।
मुफ्ती सलाउद्दीन खिजर ने बताया कि अतीक अहमद के 12 साल के पुत्र अलफेज ने छोटी सी उम्र में कुरआन हिफ्ज मुकम्मल (कंठस्थ याद) किया। सलाउद्दीन कमर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर तालिबे इल्म सैयद सउद असद, मिसबाउद्दीन अरशी, मोहम्मद अलफेज, मोहम्मद वजाहत, खलीलउद्दीन, मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद जिशान, सैफुद्दीन, अमीरउद्दीन, मोहम्मद हसन, फरीद आदि को उस्ताद सलाउद्दीन खिजर, कारी उल्फत अली, कारी मसीउद्दीन ने इनामात से नवाजा। उनका शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
जलसे में मुफ्ती आसीम अख्तर, आमीर सिद्दीकी, मौलाना वसीम, कारी साजिद, कारी मोहम्मद सलीम, इरफान, खुर्शीद, जाकिर सना, सरवत अली मौजूद थे। सभी 10 हाफिजों ने जलसे में तिलावते कुरान का मुजायरा पेश किया। संरक्षक मौलवी मोहम्मद उमर नदवी, विशिष्ट अतिथि अरबी फारसी के पूर्व निदेशक शोकत अली थे।
वक्फ बोर्ड के मुतवल्ली ने मस्जिदों, कब्रिस्तान व ईदगाह का किया निरीक्षण
अलीगढ़ . मुस्लिम वक्फ बोर्ड जयपुर के मुतवल्ली वरिष्ठ लिपिक फरीद खां व यूसुफ खां ने अलीगढ़ कस्बे में जामा मस्जिद , कब्रिस्तान तथा ईदगाह का निरीक्षण किया। उन्होंने अवैध रूप से वक्फ आराजी 8 8 बीघा भूमि को काश्त के लिए की जा रही नीलामी की कार्यवाही की जानकारी ली।
शिकायत कस्बे के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गत दिनों वक्फ बोर्डके मुख्य कार्यकारी अधिकारी सईद अहमद को प्रार्थना पत्र सौंपकर की थी। इसके बाद उन्होंने मुतवल्ली फरीद खां व यूसुफ खां ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से फरीद खां ने जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने तकिया मस्जिद, निशान मस्जिद तथा कब्रिस्तान की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण का भी मुआयना किया। इस अवसर पर मौलवी नजीर अहमद कासमी, अहमद अली, याकूब अली, मुबारक अली, शब्बीर मंसूरी, शकूर चौधरी, नूरद्दीन, इस्माइल आदि मौजूद थे।
Published on:
10 May 2018 11:57 am
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