
अग्रवाल मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य सुकुमालनन्दी।
निवाई. आचार्य सुकुमालनन्दी ने श्रीशंातिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित किया। प्रवक्ता सुनील भाणजा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुभाष पाटोदी जोधपुर ने दीप प्रज्वलन कर की। मंगलाचरण मीना देवी पाटोदी व सम्यक जैन ने भजनों की प्रस्तुति दी।
धर्मसभा में आचार्य ने कहा कि अपनी आत्मा को नहीं जाना तो सब कुछ व्यर्थ है। थोड़ा समय अपनी आत्मा को भी देना चाहिए। आत्मा को जानना ही मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हर इंसान इस धरती पर भगवान बनने के लिए जन्म लेता है, लेकिन वह भगवान तो दूर सच्चा इंसान भी बन नहीं पाता है।
जीवन में दो चीजें आगे बढऩे नहीं देती है। छोटी सोच एवं पैरों की मोच। इसी कारण हम अपना आध्यात्मिक विकास नहीं कर पाते। शाम को आचार्य के सान्निध्य में आनन्द यात्रा, प्रश्न मंच व आरती का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महावीर प्रसाद जैन, प्रेमचन्द जैन, अशोक जैन, सुरेशचन्द जैन, सोभागमल सोगाणी, शशि लुहारा, पिंकी कठमाणा, कविता भाणजा, मुन्नी देवी सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।
पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियां शुरू
मालपुरा .अग्रवाल समाज चौरासी की ओर से आचार्य इन्द्रनन्दी के सान्निध्य में 7 से 12 मार्च को अग्रवाल सेवा सदन डिग्गी में होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है।
इसके लिए समाज के लोगों की अलग-अलग समूह बनाकर गांवों में समाज के परिवारों से घर-घर जाकर सम्पर्क कर रही हैं। अग्रवाल समाज चौरासी के महामंत्री त्रिलोकचन्द जैन एवं समाज चौरासी अध्यक्ष हुकम चन्द जैन ने बताया कि 28 जनवरी को अतिशय क्षेत्र मेहन्दवास में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पात्रों का चयन लक्की ड्रॉ से किया जाएगा।
संतों का हुआ मंगल प्रवेश
लाम्बाहरिसिंह. कस्बे में शुक्रवार को गाजे-बाजे के साथ संत रामलखनदास वेदान्ती का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ। शनिवार से रामकथा सेवा समिति की ओर से संगीतमय रामकथा शुरू होगी। सदस्य भरत शर्मा ने बताया कि सुबह गणेश मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी। दोपहर को नवाह्न पारायण पठन के बाद संगीतमय रामकथा शुरू होगी।
नानी बाई रो मायरो 4 से
बंथली . सर्वजीव दया गोसेवा पर्यावरण ट्रस्ट दूनी की ओर से गोसेवा धाम एवं गो चिकित्सालय परिसर में 4 जनवरी से साध्वी डॉ. आस्था के तीन दिवसीय संगीतमय नानी बाई रो मायरो कथा का करेंगी।
ट्रस्ट के श्यामसुन्दर शर्मा ने बताया कि 4 को दूणजा माता मंदिर से कलशयात्रा, गोमाता पूजन, आरती, अतिथियों व भामाशाहों का सम्मान, 5 को गोमाता पूजन, पर्यावरण संरक्षणार्थ वृक्षारोपण व 6 को गोपुष्टी यज्ञ, गोमाता पूजन एवं आरती व पूर्णाहुति होगी। साध्वी डॉ. आस्था दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक संगीतमय नानी बाई रो मायरो कथा एवं प्रवचन करेंगी।
Published on:
30 Dec 2017 10:36 am
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