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video: बीसलपुर बांध जलभराव क्षेत्र में पानी सूखने के साथ 10 हजार हैक्टेयर पर अवैध खेती की तैयारी शुरु

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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 2 Nov 2018, 9:05 AM IST

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राजमहल के समीप बीसलपुर बांध के तट पर खेती के लिए तैयार की गई भूमि।

राजमहल. मानसून कमजोर रहने के चलते पानी की आवक होने से जहां बीसलपुर बांध परियोजना जलापूर्ति में कटौती कर रही है। वहीं परियोजना सिंचाई के लिए अवैध रूप से पानी लेने वालों को नजरअंदाज कर रही है।

आलम ये है कि तापमान में गिरावट आने से वाष्पीकरण में कमी आई है, लेकिन इसका फायदा इसलिए नहीं मिल रहा है कि वाष्पीकरण जितना पानी प्रतिदिन सिंचाई के लिए उपयोग में लिया जा रहा है।

इसका कारण है कि बांध के जलभराव क्षेत्र का पानी सूखने के साथ ही निकलती भूमि पर लोग अवैध रूप से खेती करने लगे हैं। वे लोग सिंचाई के लिए बांध के तटों पर इंजन सेट व पाइप लाइनें बिछाकर पानी लेने लगे हैं। ऐसे में बांध का पानी वाष्पीकरण के साथ सिंचाईं से लगातार कम होता जा रहा है।


पीने के लाले, ये बहा रहे हैं
बीसलपुर बांध में पानी की कमी के कारण इस बार परियोजना ने जयपुर व अजमेर समेत टोंक जिले के गांव व कस्बों में पानी की कटौती कर दी है। वहीं पेयजल संकट से लोग जूझने लगे हैं। इसके बावजूद बीसलपुर बांध के पानी से होती अवैध सिंचाई के दौरान बहते पानी की रोकथाम के लिए कदम नहीं उठाया जा रहा है।

अकेला महसूस कर रही है परियोजना
बांध के तटों पर होती अवैध खेती के साथ पानी चोरी को रोकने के लिए बीसलपुर बांध परियोजना को मशक्कत करनी पड़ती है। कार्रवाई के दौरान किसानों के विरोध का सामना भी करना पड़ता है। वहीं परियोजना के पास कर्मचारियों की कमी के साथ पुलिस व आरएसी का भी अभाव है।

10 हजार हैक्टेयर में खेती
बीसलपुर बांध का गेज बुधवार सुबह 310.05 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। इसमें कुल 11.2 टीएमसी पानी का भराव है। बांध के जलभराव में कुल 212 वर्ग किमी क्षेत्र है। इसमें कुल 21 हजार 800 हैक्टेयर भूमि डूब में समाती है।

वर्तमान पानी के भराव में 12 हजार हैक्टयर से अधिक भूमि खाली हो चुकी है। इसमें से करीब 10 हजार हैक्टेयर पर खेती की तैयारी है। इस भूमि पर सिंचाई का साधन भी बांध का पानी ही है। कई किसान खेतों में बने कुंओं से सिंचाई करते हैं।

कटौती और होगी
15 नवम्बर तक फिर से जलापूर्ति में कटौती की सम्भावना है। बांध के तट पर अवैध रूप से सिंचाई रोकने के लिए समय समय पर हमारे कुछ कर्मचारी गश्त करते हैं।
हरलाल, ,सहायक अभियंता, सूरजपुरा फिल्टर प्लांट टोडारायसिंह

हम अकेले कुछ नहीं कर सकते
बांध के पेटे स्थित पानी से अवैध रूप से सिंचाई रोकने के लिए जलदाय विभाग कोई कार्रवाई करे तो परियोजना का साथ है। अकेली बांध परियोजना अवैध सिंचाई रोकने के लिए लाचार है।
आर. सी. कटारा, अधिशासी अभियंता बीसलपुर बांध परियोजना देवली