
बनास नदी में अवैध खनन, बोर्ड अध्यक्ष ने लिखा पत्र
बनास नदी में अवैध खनन, बोर्ड अध्यक्ष ने लिखा पत्र
जुलाई-अगस्त में लीज पर भी नहीं होगा खनन
देवली की मिली थी शिकायतें
टोंक. देवली उपखण्ड में दी गई लीज और अन्य अवैध खनन की मिली शिकायत के बाद बंजर भूमि एवं चरागाह विकास बोर्ड के अध्यक्ष संदीप सिंह चौधरी ने जिला कलक्टर टोंक को पत्र लिखा है। इसमें कहा कि मुख्यमंत्री ने गत दिनों खनिज विभाग व चरागाह समेत अन्य विभागों की बैठक ली थी।
इसमें कहा था कि मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त में खनन बंद कर दिया जाए। बजरी की आपूर्ति पूर्व में किए गए भंडारण से ही की जाए, लेकिन देवली क्षेत्र में बनास नदी में खनन की शिकायतें मिल रही थी। संदीप ने बताया कि देवली क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि बनास नदी देवली में इन दिनों बजरी का खनन किया जा रहा है।
चरागाह व बंजर भूमि पर भी अवैध खनन किया जा रहा है। जबकि यह मुख्यमंत्री के आदेश के विपरीत है। ऐसे में उन्होंने जिला कलक्टर को पत्र लिखा है कि वे अवैध खनन पर अंकुश लगाए। बनास नदी में जुलाई और अगस्त माह में किसी भी प्रकार खनन नहीं हो। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी शिकायत मिलती है तो मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। साथ ही जयपुर से टीम बनास नदी में पहुंचेगी।
5 साल बाद शुरू हुआ है खनन
टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी में बजरी की लीज पर सुप्रीम कोर्ट ने 16 नवम्बर 2017 में रोक लगा दी थी। इसके करीब 5 साल बाद देवली ब्लॉक में फिर से खनन शुरू हुआ था। ग्रामीणों की शिकायत है कि बनास नदी में पानी आने के बावजूद बजरी का खनन जारी है। जबकि इस पर रोक है।
करोड़ों वसूल चुके राजस्व
सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगाई गई रोक के बाद खनिज विभाग अवैध खनन से जुड़े वाहनों को पकड़ कर अब तक करोड़ों का जुर्माना वसूल चुकी है। इसके बावजूद अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश नहीं लग पाया। जिले में करीब 110 किलोमीटर होकर निकल रही बनास नदी किसानों के लिए बढ़ा जल स्रोत है। इसके साथ ही खनिज विभाग के लिए आय का स्रोत भी है।
Published on:
29 Jul 2022 08:47 pm
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
