
सूखी बनास नदी से बजरी का अवैध दोहन , गश्त के बावजूद नहीं थम रहा अवैध खनन व परिवहन
देवली. शहर के समीपस्थ बोरड़ा गांव से गुजरी रही बनास नदी Banas river में लगातार बजरी का अवैध दोहन Illegal tapping of gravel हो रहा है। जहां दोपहर में भी बजरी तस्कर gravel smuggler खनन कर परिवहन कर रहे है। स्थिति यह है कि जलस्तर water level खत्म होने से सूखी नदी में लगातार बजरी का खनन Gravel mining जारी है, लेकिन पुलिस व प्रशासन इससे रोकने में विफल साबित हो रहा है।
बजरी खनन का यह दृश्य बोरड़ा स्थित गणेश मन्दिर Borada Ganesh Temple से आसानी से देखा जा सकता है। जहां नदी के बीचों-बीच खड़े टै्रक्टर-ट्रॉलियों में बजरी भरी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी तस्कर नदी के ऊपरी हिस्से की मिट्टी हटाकर नीचे से बजरी निकाल रहे है।
इससे नदी में करीब सौ वर्गफीट क्षेत्र हिस्से में कई जगह गड्ढे हो गए। यहां बजरी भरने के बाद ये वाहन गांवों के कच्चे मार्गों से होते हुए गुजर रहे है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में हादसा होने का अंदेशा भी बन रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों से हादसा होने की संभावना हो रही है।
लेकिन विरोध करने पर इनके चालक झगडऩे पर उतारु हो जाते है। लिहाजा झगड़े से बचने के लिए ग्रामीण इसका विरोध नहीं कर रहे है। हालाकि यहां समस्या इसलिए भी है कि उक्त मार्ग दो जिलों की सीमा पर स्थित है। ऐसे में बजरी खनन व परिवहन से जुड़े लोग इसका फायदा उठाकर चांदी कूट रहे है।
इधर, पुलिस ज्यादा ध्यान राजमहल, नेगडिय़ा, रामथला क्षेत्र है, जो कि बजरी खनन के गढ़ है। उल्लेखनीय है कि गत दो दिन पूर्व पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन बजरी से भरे वाहन पकड़े थे। लेकिन कार्रवाई के बावजूद बजरी खनन व परिवहन का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में पुलिस व प्रशासन के बजरी चोरी रोकने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे है।
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Published on:
27 Jun 2019 08:01 pm
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