पचेवर. बरोल ग्राम पंचायत के माधोनगर उर्फ खेडिया गांव में अवैध तरीके से चरागाह भूमि में फार्म पॉण्ड बनाने का मामला सामने आया है। तहसील की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। तहसील प्रशासन के अनुसार चार लोगों ने चरागाह भूमि पर अवैध तरीके से फार्म पॉण्ड बनाए गए हैं, जबकि 17 फार्म पॉण्ड ऐसे है, जिनका कुछ हिस्सा चरागाह भूमि की सीमा में आता है। हालांकि मामला सामने आने के बाद तहसील प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन लोगों ने बनाए चरागाह में फार्म पॉण्ड:
पटवारी हंसा चौपड़ा ने बताया कि माधोनगर उर्फ खेडिया गांव की चरागाह भूमि में रामनिवास पुत्र गोपी जाट ने दो फार्म पॉण्ड तथा गिरधारी पुत्र हीरा जाट व भंवर गौरा पुत्र सुखलाल ने एक-एक फार्म पॉण्ड बनाए है। जबकि 17 फार्म पॉण्ड ऐसे हैं, जिनका कुछ हिस्सा चरागाह भूमि की सीमा में आता है।
22 लोगों को किया पाबंद:
इधर, पुलिस ने अब चरागाह भूमि पर बने फार्म पॉण्डों से ङ्क्षसचाई नहीं करने के लिए दो पक्षों के 22 लोगों को पाबंद किया है। पुलिस ने बताया कि प्रधान चौधरी, केदार जाट, धन्ना लाल, रामनिवास, शंकर चौधरी, बजरंग लाल, बालू जाट, मांगीलाल, जगदीश, गिरधारी जाट, हरिराम, बैजनाथ समेत अन्य लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से पाबंद किया है। गत वर्ष दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था।
तहसीलदार ने बंद करवाए इंजन
चरागाह में बने फार्म पॉण्डों से इंजन लगाकर ङ्क्षसचाई करने की शिकायत पर तहसीलदार पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे, जहां फार्म पॉण्डों पर चल रहे इंजनों को तत्काल बन्द करवा दिया। सभी को ङ्क्षसचाई नहीं करने तथा स्वयं के खर्चे से मिट्टी भरवाने का पाबंद किया है।
चार वर्ष में अब तक माधोनगर गांव में चरागाह भूमि पर बने फार्म पॉण्ड पर सब्सिडी का लाभ नहीं दिया गया है। लोगों ने चरागाह में अपने स्तर पर ही फार्म पॉण्ड बनाए हैं।
सुरेश यादव, कृषि पर्यवेक्षक, पचेवर
माधोनगर उर्फ खेडिया गांव में चरागाह भूमि स्थित सभी फार्म पॉण्डों को तत्काल प्रभाव से मिट्टी भरकर समतलीकरण करने के निर्देश दिए हैं। वहीं अतिक्रमण नहीं करने के लिए पाबंद किया है। जबकि फार्म पॉण्ड पर ङ्क्षसचाई के लिए चल रहे इंजन को बंद करवाया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
सहदेव मंडा, मालपुरा, तहसीलदार