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टोंक।रसद विभाग की ऑन लाइन रसद सामग्री वितरण प्रणाली इंटरनेट में उलझ गई है। हालात ये हैं कि नेटवर्क की समस्या के कारण राशन डीलर पॉश मशीन से सामग्री का वितरण नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते एक उपभोक्ता को सामग्री वितरण करने में ही आधा घंटा लग रहा है। कई बार तो उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ता है।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने रसद सामग्री वितरण करने में कालाबाजारी रोकने एवं पात्र उपभोक्ताओं को हर हाल में राशन सामग्री वितरण करने के उद्देश्य से टोंक जिले में जनवरी, 2016 से सभी राशन डीलरों को पॉश मशीन का वितरण किया है। इन मशीनों को ऑन लाइन करने के लिए इंटरनेट से जोड़ा गया, लेकिन जब से ये मशीनें आईं हैं, तब से अधिकतर बार सर्वर डाउन रहने एवं नेटवर्किंग की समस्या के कारण ये मशीनें काम नहीं कर रही हैं।
ये है स्थिति
जिले में 558 राशन डीलर है। सभी डीलरों को पॉश मशीन का वितरण किया गया है। मशीन से वितरण प्रणाली लागू होने के बाद राशन डीलरों ने सिम खरीद कर थ्री-जी वाली पॉश मशीनों में लगा ली, लेकिन अब पॉश मशीन में नेटवर्क नहीं आ रहा है। इसके चलते मशीन चल नहीं पा रही है। इसके अलावा पॉश मशीन उपभोक्ताओं के प्रिंगर प्रिंट भी नहीं ले रही है। इसके चलते उपभोक्ताओं को कई बार फिंगर-प्रिंट मिलाना पड़ रहा है। कईबार आधार कार्ड भी नहीं मिल पाता है। इन सबके बाद मशीन सामग्री की जानकारी भी नहीं निकाल रही है। इसमें उपभोक्ता को कितनी सामग्री दी, कितनी राशि आदि शामिल हैं।
अलग-अलग कम्पनी के हैं कनेक्शन
पॉश मशीन को चालू करने के लिए राशन डीलरों ने विभिन्न मोबाइल कम्पनियों के कनेक्शन (सिम) ले रखे हैं, लेकिन अधिकतर कनेक्शनों में नेटवर्किंग की समस्या आ रही है।
67 प्रतिशत हो चुके हैं ऑनलाइन
रसद विभाग ने जिले के 3 लाख 99 हजार 792 में से 2 लाख 68 हजार 218 उपभोक्ताओं को ऑन लाइन कर दिया है। ऐसे में 67.09 प्रतिशत उपभोक्ता ऑन लाइन होकर पॉश मशीन से सामग्री ले रहे हैं। शेष उपभोक्ताओं को भी ऑन लाइन किया जा रहा है।
नेटवर्क की समस्या है
राशन डीलरों को पॉश मशीन से सामग्री वितरण के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन मशीन में नेटवर्किंग की परेशानी आ रही है। इसके लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
डालचंद खटीक, जिला रसद अधिकारी, टोंक।
जलालुद्दीन खान
