
देवली में बाल-विवाह रोकने को लेकर बुधवार को पटवारियों की बैठक लेते तहसीलदार।
देवली. आखातीज (अक्षया तृतीया) पर होने वाले सम्भावित बाल-विवाह रोकने को लेकर बुधवार को तहसीलदार मानसिंह आमेरा ने पटवारी व गिरदावरों की बैठक ली। इसमें तहसीलदार ने कहा कि आखातीज पर ग्रामीण क्षेत्रों में बाल-विवाह सर्वाधिक होते हैं, जो कि नियम विरुद्ध है। इससे बालक-बालिकाओं का भविष्य खराब होता है। उन्होंने सर्तक रहकर क्षेत्र में होने वाले बाल-विवाह रोकने की बात कही।
इसके लिए तहसीलदार ने सभी कर्मचारियों को हर समय अपने मोबाइल फोन ऑन रखने, प्रधानाचार्य से सम्पर्क रखने, मुख्यालय नहीं छोडऩे व बाल-विवाह की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाने को कहा। बैठक में पटवार मण्डल के राजस्व वसूली को लेकर समीक्षा की गई। तहसीलदार ने बताया कि राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष में सभी पटवार मण्डल के सिंचित व असिंचित भूमि पर सभी प्रकार के लगान माफ कर दिए है।
इससे पटवारियों का काम का बोझ कम होगा। बैठक में पेंशन प्रकरण की समीक्षा करते हुए सम्पर्क पोर्टल के शिकायतों के निराकरण की बात कही। साथ ही तहसीलदार ने पटवारियों को सख्त निर्देश दिए कि राजकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के परिजनों को किसी भी हालत में पेंशन के योग्य के नहीं माना जाएगा।
बैठक में गिरदावर भंवरलाल शर्मा, बद्रीलाल धाकड़, रामधन मीणा, रतन सिंह, रामदेव धाकड़, आफिस कानूनगों शैतान सिंह मीणा पटवारी पंकज जैन, रमेश राजावत, रामराज जाट, रामकुंवार मीणा, प्रेमराम गुर्जर आदि उपस्थित थे।
रोकथाम की जानकारी दी
पचेवर. तालुका विधिक सेवा समिति कि ओर से कस्बे के सभी मोहल्लों में जाकर बाल विवाह नहीं करने के लिए ग्रामीणों को जानकारी दी। पेनल लॉयर सुरेन्द्र मोहन शर्मा एवं पीएलवी गणेश कुमार साहू ने विधिक जागरूकता अभियान के तहत बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों को जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए संकल्प दिलाया।
लोगों में जगाई चेतना
निवाई. विश्व जल दिवस पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जीवली में अजीम प्रेमजी फाउडेंशन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फाउडेंशन के आशीष शर्मा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जल संकट, जल के कारण राज्यों व देशों में आपसी विवाद, जल के संग्रहण के तरीकों पर बच्चों सें बातचीत एवं प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जल के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
प्रधानाध्यापक हेमलता विजयवर्गीय ने बताया कि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बच्चों ने जल के महत्व और जल स्रोतों के रख-रखाव पर विचार व्यक्त किए। आशीष शर्मा ने बताया कि बच्चों जल के संग्रहण के तरीकों और प्राचीन जल स्रोतों के रख-रखाव पर प्रकाश डाला। इस दौरान सुरज्ञान गुर्जर, प्रहलाद बैरवा, सुलोचना, अनिल गुप्ता एवं ख्यालीराम मौजूद थे।
Published on:
12 Apr 2018 01:37 pm
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