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जोधपुरिया देव धाम में लक्खी मेला शुरू, मंदिर में साढ़े चार करोड़ से बनेगा पेनोरमा

गुर्जर समाज के आराध्य देवनारायण भगवान के 1111 वें जन्मोत्सव व लक्खी मेले का शुभारंभ देवधाम जोधपुरिया में शुक्रवार को ध्वज पूजन के साथ हुआ। अद्वैत आश्रम हरभांवता के बालकानंद महाराज, परमानंद महाराज करीरिया, आनंद महाराज कटमाना, विवेकानंद महाराज और ज्ञानानंद महाराज ने झंडारोहण किया।  

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जोधपुरिया देव धाम में लक्खी मेला शुरू, मंदिर में साढ़े चार करोड़ से बनेगा पेनोरमा

जोधपुरिया देव धाम में लक्खी मेला शुरू, मंदिर में साढ़े चार करोड़ से बनेगा पेनोरमा

टोंक/वनस्थली. गुर्जर समाज के आराध्य देवनारायण भगवान के 1111 वें जन्मोत्सव व लक्खी मेले का शुभारंभ देवधाम जोधपुरिया में शुक्रवार को ध्वज पूजन के साथ हुआ। अद्वैत आश्रम हरभांवता के बालकानंद महाराज, परमानंद महाराज करीरिया, आनंद महाराज कटमाना, विवेकानंद महाराज और ज्ञानानंद महाराज ने झंडारोहण किया। इससे पहले सुबह भगवान श्री देवनारायण की विशेष मंगला आरती का आयोजन किया गया। विधायक प्रशांत बैरवा ने साढ़े चार करोड़ की लागत से बनने वाले पैनोरमा की नींव रखी।

ये रहेंगी पेनोरमा की खास बातें
इस पेनोरमा में भगवान देवनारायण के जन्म, अवतार, शौर्य, उनके लोक कल्याणकारी कार्यों, चमत्कारों को विविध तरीकों टू डी, थ्री डी फाइबर मार्बल गनमेटल मूर्तियों, प्रिंट आदि से दर्शाया जाएगा। इस पेनोरमा परिसर में श्री सवाईभोज एवं श्री देवनारायण जी की अश्वारुढ़ विशाल प्रतिमाएं भी लगाई जाएगी। दर्शकों को इस पेनोरमा में भगवान के संपूर्ण जीवन चरित्र को जानने का अवसर मिलेगा।

जोधपुरिया रहा है भगवान देवनारायण की तपस्थली:
तीन नदियों के संगम मासी डेम पर स्थित जोधपुरिया के देवनारायण के मंदिर स्थल के बारे मे मान्यता है कि भगवान देवनारायण ने मालवा से गोठा जाते समय जोधपुरिया में ही विश्राम किया था, यह उनकी तपस्थली भी रहा है। यहां मासी बांध में स्नान की परम्परा भी है। भगवान देवनारायण की विशेष पूजा व पाती का दिन शुक्रवार माना जाता है।
मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष फुलचंद लांगडी ने बताया कि इसी प्रकार रात्रि आठ बजे से जागरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। कांसे की थाली में देवदर्शन का कार्यक्रम रात्रि 12 बजे किया गया। मुख्य लक्खी मेला शनिवार को आयोजित होगा।

मंदिर का आकर्षण कमल का फूल
मंदिर में माघ षष्ठी के दिन रात के समय भोपा कांसे की थाली में कमल का फूल बनाता है। यही मेले का सबसे आकर्षण का केंद्र होता है। श्रद्धालु उसमें देवनारायण के दर्शन करते हैं। पूरा मंदिर परिसर देवनारायण के जयकारों से गूंज उठता है।

यात्रियों के लिए किए जा रहे इंतजाम
मंदिर अध्यक्ष ने कहा कि का कहना है कि मेले में यात्रियों के लिए विशेष भोजन, विश्राम के लिए गेस्ट हाउस, पांडाल, बिजली सहित भंडारे की उचित व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए हर आवश्यक सुविधा जुटाई जा रही है।

दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु

मेले में यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात सहित राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, अलवर , ङ्क्षहडोन सहित विभिन्न स्थानों से ला$खों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पदयात्राएं भी आती है। पग पग पर श्रद्धालुओं की मनुहार की जाती है।...................मधूसूदन गौतम- दूनी-


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