
दुकानों के सामने बाजार में खड़े हो रहे है नेताओं के वाहन, त्यौहारी सीजन में व्यापार हो रहा बाधित
टोंक. शहर के व्यस्तम इलाके नौशे मियां के पुल से बड़ा कुआ तक मुख्य बाजार में सडक़ के दोनों तरफ लग्जरी वाहन सहित बाईकों के खड़े होने से व्यापारियों के रोजगार पर विपरीत असर पड़ रहा है। इतना ही नही बाजार में आने वाले ग्राहक सहित आम नागरिक तथा वाहन चालकों को भी आवागमन में दिक्कतेंं उठान पड़ती है।
व्यापारियों का कहना हैं कि इस बाजार में जिला कांग्रेस कार्यालय होने के कारण यहां आए दिन होने वाले राजनैतिक कार्यक्रम व बैठकें होती है । इन बैठकों मेें स्थानीय सहित प्रदेश के बड़े नेता व कार्यकर्ता शामिल होते है जो लग्जरी कारों से आते है। बाजार में पार्किंग के लिए कोई बड़ी जगह नही होने के कारण नेताओं की कारें दुकानों के बाहर बैठक खत्म होने तक कई घण्टों खड़ी रहती है। जिससे यहां के दुकानदारों में नाराजगी बनी हुई है।
बाजार में सडक़ किनारे वाहन खड़ा करने से सबसे ज्यादा असर ठेले व फुटपाथ पर दुकान लगाकर अपना रोजगार करने वालों पर पड़ता है। दुकानदारों का कहना है कि बाजार में जब कोई ग्राहक कार लेकर आता है तो पुलिस की तरफ से किसी न किसी बहाने उसका चालान व जुर्माना कर दिया जाता है जबकि इन नेताओं की गाडिय़ा तो कई घंटों तक बाजार में दोनों तरफ खड़ी रहती है, लेकिन आज तक किसी भी वाहन का चालान पुलिस ने चालान व जुर्माना नही बनाया। जबकि कानून सबके लिए बराबर है। व्यपापारियों ने कहा कि सब बड़े राजनैतिक लोग है इसलिए पुलिस भी इन पर कार्रवाई करने की बजाय इनकी सुरक्षा में लगी रहती है।
त्यौहरी सीजन में होती है ज्यादा परेशानी
शादी-ब्याह सहित त्यौहारी सीजन में जब कांग्रेस कार्यालय में कोई आयोजन होता है तो अधिक परेशानी होती है। इन दिनों में बाजार में आने वाले ग्राहकों को अपने बाईक तक को खड़ा करने की जगह तक नही मिल पाती। जिससे ग्राहक यहां की बजाय अन्य दूसरी जगह दुकान पर चला जाता है जिससे यहां के दूकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
बाजार से बाहर हो वाहनों की पार्किंग
व्यापारियों का कहना है कि शहर का बाजार पुराने समय के अनुसार बना हुआ है। अब पहले के मुकाबले बाजार में लोगों और वाहनों का आवागमन ज्यादा हो गया है। ई-रिक्शा की तो बाढ़ सी आ गई है। बाजार में वाहनों के बढ़ते दबाव से यातायात व्यवस्था आए दिन प्रभावित होने लगी है। स्कूल जाने और आने के लिए बच्चों के वाहन जाम में फंस जाते है।
प्रशासन ले प्रसंज्ञान
शहर के नागरिकों और व्यापरियों की इस परेशानी को देखते हुए पुलिस, नगर परिषद व जिला प्रशासन को अपनी दृड़ इच्छा रखते हुए प्रसंज्ञान लेना चाहिए। राजनैतिक कार्यक्रम में आने वाले वाहनों को बाजार की जगह अन्य स्थान पर पार्क करवाने की कार्य योजना बनाना चाहिए।
मनीष बंसल, अध्यक्ष श्री व्यापार महासंघ टोंक।
Published on:
30 Aug 2023 05:07 pm
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