टोंक. जिलेभर में शुक्रवार को दशामाता का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने व्रत रख दशामाता की पूजा-अर्चना कर घर परिवार में सुख समृद्धि की कामना कर अमर सुहाग का वर मांगा। महिलाएं सुबह से ही दशामाता पूजन की तैयारी में जुट गई। पूजन के लिए मंदिर व पीपल वृक्ष वाले स्थानों पर पहुंच कर समूह में पीपल वृक्ष के कच्चे सूत की डोरी व मोली (लच्छा) लपैट कर परिक्रमा लगाई।
इस दौरान महिलाओं ने व्रत रख पुराना धागा, वेल बदल कर नया धागा गले में पहना। पूजा के बाद महिलाओं ने समूहों में राजा नल और रानी दमयंती की कहानी सुनी। कथा कहानी सुनने के बाद महिलाओं ने पुराना सूत का डोरा उतार कर नया डोरा धारण किया।
शहर के मंशापूर्ण भूतेश्वर महादेव मंदिर, घंटाघर स्थित सीताराम जी का मंदिर, गोपाल जी का मंदिर, कंकाली माता मंदिर, गांधी गोशाला, महादेववाली शिव मंदिर, पुरानी टोंक, काला बाबा, जोशियों का मोहल्ला, बम्बोर गेट, अन्नपूर्णा गणेश मंदिररघुनाथ मंदिर, संतोषी माता मंदिर, पुलिस लाईन, आरएसी आदि सहित अन्य स्थानों पर दशामाता की पूजा करने के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही।