
Rajasthan News : अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के साथ साथ निवाई के रक्ताचंल पर्वत पर बने विशाल किले में 22 जनवरी को किलेश्वर महादेव की हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि विधान से स्थापना होगी। किलेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 14 जनवरी से शुरू हो चुके हैं। किलेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शहरवासियों में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजन समिति के गिर्राज शेखाटिया व रौनक सर्राफ ने बताया कि गुरुवार को बनारस से आए वैदिक आचार्य पं.अतुल बाबा व दस आचार्यों के सानिध्य में विशेष अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है। सोमवार को मंत्रोच्चार से शिवलिंग व नंदी महाराज की विधिवत स्थापना की जाएगी।
सात टन वजनी है मूर्तियां
प्राण प्रतिष्ठा आयोजन समिति के गिर्राज शेखाटिया व रौनक सर्राफ ने बताया कि शिवलिंग ढाई फीट ऊंचा व चौडा है तथा जिसका वजन तीन टन है। नंदी सवा तीन फीट लंबा और ढाई फीट ऊंचा है जिसका वजन चार टन है। किलेश्वर महादेव मंदिर में सवा टन का सात धातुओं से निर्मित घंटा लगाया जाएगा।
पालकी से किले तक पहुंचे शिव व नंदी
शहर में नगर भ्रमण के बाद शिवलिंग व नंदी महाराज को अलग अलग पालकी में विराजित कर 50-60 युवाओं ने कंधे पर रखकर 1600 फीट ऊंचाई तय कर रक्ताचंल पर्वत पर बने किले में लेकर पहुंचे।
सर्व समाज का भंडारा
किलेश्वर महादेव व नंदी तथा अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में 22 जनवरी को रक्ताचंल पर्वत पर बने किले में सर्व समाज के एक लाख श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
Published on:
19 Jan 2024 12:56 pm

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