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उन्होंने दिया बलिदान , हम बढ़ाएं मान: वतन पे कुर्बान हुआ था राजमहल का लाल, गर्व के आगे गम हुआ कमजोर

अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के सेक्सन कमाण्डो एएसआई शहीद मिश्री लाल मीणा वतन पर कुर्बान हुए थे।  

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Martyr

शहीद मिश्री लाल मीणा

राजमहल. गत 13 जुलाई की सुबह कश्मीर के अनन्तनाग जिले के इच्छाबल चौराहे पर अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के सेक्सन कमाण्डो एएसआई शहीद मिश्री लाल मीणा वतन पर कुर्बान हुए थे।

वे करीब 15 मिनट तक आतंकी हमले के दौरान क्रोस फायरिंग करते हुए आतंकियों की गोली का शिकार होकर शहीद हुए थे। शहीद मिश्री लाल मीणा की वीरांगना बच्ची देवी ने बताया कि उसे पति के शहीद होने की सूचना मिली तो उसे एक बार तो यकीन नहीं हुआ, लेकिन परिजनों से मिली सूचना को सच मानकर वो बेहोश हो गई थी।

अचानक पति के दूर हो जाने व परिवार में जिम्मेदारी बढऩे से वो बेसुध सी सोचती रहती है। आंखों से आंसू छलकते रहते थे। जिसे परिजन ढांढ़स बंधाते थे। धीरे-धीरे दिल को तसल्ली देकर मन को शांत करने के साथ हालात को काबू में किया।

अब उसे पति की ओर से देश की सेवा करते हुए शहीद होने का गर्व है। इससे उसके गम के आगे शहीद होने का गर्व उसे अधिक महसूस होने लगा है। शहीद इकलौते पुत्र विजय सिंह मीणा ने बताया कि वो अपने पापा के शहीद होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

दुख है तो सिर्फ इस बात कि बहनों की शादी तो धूमधाम से कर दी थी, लेकिन पुत्र की शादी में उनकी यादें ही शामिल हो सकेगी। विजय सिंह के अनुसार उन्हें सेना की ओर से अब तक 50 हजार रुपए नकद व सम्मान के तौर पर राष्ट्रीय ध्वज दिया गया है।

परिजनों को मिले पत्र के अनुसार शहीद को सरकार की ओर से मिलने वाली नि:शुल्क जमीन व पेंशन सहित अन्य आर्थिक सहायता को लेकर कागजी खानापूर्ति पर सेना में कार्रवाई जारी है। पुत्र ने बताया कि शहीद मिश्री लाल मीणा कश्मीर के अनन्तनाग जिले के इच्छाबल चौराहे पर सेक्सन कमाण्डों के रूप में अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में ड्यटी कर रहे थे।

उनका सेक्सन दो गुटों में बटा हुआ था। चौराहे के पास ही मस्जिद व कब्रिस्तान थे। जहां आतंकी पूर्व में ही घात लगाकर छुपे हुए थे। गत 13 जुलाई सुबह करीब 10 बजे बारिश का दौर शुरू होने के साथ ही उन्होंने अचानक फायरिंग कर दी। भारतीय सैनिकों ने भी जवाब में क्रोस फायरिंग कर दी थी।

आतंकियों व सैनिकों के बीच 15 मिनट तक फायरिंग का दौर चला, लेकिन आतंकी झाडिय़ों के बीच होने व सैनिक चौराहे पर खुले स्थान पर होने से सेक्सन कमाण्डो मिश्री लाल मीणा के गर्दन व कमर के पास गोली लगी। इससे वो मौके पर ही शहीद हो गए।

साथ ही अलवर जिले के शहीद संदीप यादव भी मौके पर शहीद हो गए। दो अन्य सैनिक व एक स्थानिय दुकानकार घायल हो गए। गत दिनों शहीद की पार्थिव देह लेकर राजमहल आए सीआरपीएफ के एएसआई चरत राम मीणा ने बताया कि शहीद मिश्री लाल मीणा सेक्सन कमांडर के तौर पर थे।


परिजनों के अनुसार शहीद की ओर से दीपावली पर अपने पुत्र की शादी की तैयारी थी। इसकी मंगनी की रस्म निभाई जा चुकी थी। दीपावली पर अपने घर आने के लिए सेना में पहले से ही छुट्टी के लिए अर्जी लगा रखी थी। स्वैच्छिक सेवानिवृति के लिए भी कागजी खानापूर्ति की जा रही थी। हमले के एक दिन पहले रात को शहीद ने परिजनों से फोन पर वार्ता कर हाल चाल पूछे थे।

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