
टोंक। अखिल राजस्थान आरजीएचएस अधिकृत दवा विक्रेता महासंघ के बैनर तले बैठक आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से बिना भुगतान नहीं समाधान के मुद्दे पर दो दिन के सांकेतिक बन्द का निर्णय किया गया है। अखिल राजस्थान आरजीएचएस दवा विक्रेता महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष विवेक विजयवर्गीय ने बताया कि राजस्थान सरकार की ओर से राजस्थान राज्य सेवारत व सेवानिवृत कर्मचारियों के इलाज एवं कैशलेस दवा उपलब्धता के लिए चलाई जा रही योजना आरजीएचएस से अनुबंधित निजी दवा विक्रेताओं की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार 27 एवं 28 फरवरी को सम्पूर्ण राजस्थान में आरजीएचएस कार्डधारकों को दवा का वितरण नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि इसके बाद भी सरकार की ओर से भुगतान नहीं किया जाता है तो सम्पूर्ण राजस्थान में पूर्ण बन्द के निर्णय पर अमल किया जाएगा। विजयवर्गीय ने बताया कि राजस्थान में निजी दवा विक्रेताओं के आरजीएचएस में करोड़ों का भुगतान लम्बे समय से लम्बित है। इससे पहले पदाधिकारी विवेक विजयवर्गीय, सचिन गोयल, सुबोध अग्रवाल, रवि गुप्ता, मनीष सोनी, पवन अग्रवाल, नवीन जैन, राकेश सोनी, ज्ञान चंद जैन, अमित रावत सहित अन्य ने आरजीएचएस अधिकारियों, वित्त विभाग के उच्चाधिकारियों एवं राशा के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपें गए।
अखिल राजस्थान आरजीएचएस दवा विक्रेता महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष विवेक विजयवर्गीय के अनुसार प्रदेश में लगभग 3600 दुकानों पर आरजीएचएस की दवाएं दी जा रही है। जिनको दवा के बदले पिछले 4 माह से भुगतान नहीं हो रहा है। आखिरी बार गत 15 अक्टूबर तक कुल बकाया में कुछ भुगतान किया गया था। उसके बाद अभी तक भुगतान नहीं मिला है। प्रदेश में लगभग 250 करोड़ रुपए का आरजीएचएस योजना में दवा विक्रेताओं को भुगतान होना बाकी है।
Published on:
26 Feb 2024 11:33 am
