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19 को मनाएंगे बारावफात, 7 दिन तक चलेगी मिलाद

नवाबी रियासतकाल से चली आ रही मिलाद की महफिल शनिवार को नजर बाग पैलेस में शुरू हो गई। यह महफिल सात दिन तक चलेगी। चांद की 9 तारीख (शनिवार) से शुरू हुई और समापन 16 तारीख 23 अक्टूबर को होगा।

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19 को मनाएंगे बारावफात, 7 दिन तक चलेगी मिलाद

19 को मनाएंगे बारावफात, 7 दिन तक चलेगी मिलाद

टोंक. नवाबी रियासतकाल से चली आ रही मिलाद की महफिल शनिवार को नजर बाग पैलेस में शुरू हो गई। यह महफिल सात दिन तक चलेगी। चांद की 9 तारीख (शनिवार) से शुरू हुई और समापन 16 तारीख 23 अक्टूबर को होगा। इसके बीच 19 अक्टूबर को बारावफात मनाई जाएगी। पैगम्बर हजरत मुहम्मद (स.) की यौमे पैदाइश के मौके पर टोंक में महफिले मिलाद का ऐतिहासिक आयोजन होता रहा है।

इस्लामी हिजरी सन के तीसरे महीने रबीउलअव्वल का चांद दिखाई देने के बाद जिलेभर में बारावफात 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। नजर बाग पैलेस में शुरू हुई महफिले मिलाद में प्यारे नबी हजरत मुहम्मद (स.) की सीरते पाक पर मिलादे खलील की सात जिल्दे नस्र व नज्म में लिखी है, जो पूरे एहतेमाम के साथ सात दिनों तक पढ़ी जाती है। सात दिन के इस आयोजन की शुरुआत हिजरी सन के तीसरे महीने की 9 तारीख की नमाजे जौहर के बाद हुआ है। प्रत्येक दिन नमाजे जौहर से मगरिब तक एवं उसके बाद ईशा की नमाज से देर रात तक महफिले मिलाद का आयोजन होगा। हुजूर की यौमे पैदाइश की शब को पूरी रात मिलादे खलील पढ़ी जाती है। एक दौर था जब इस मिलाद को सुनने और देखने के लिए विदेशों से लोग आते थे। नवाब परिवार से जुड़े सरवत अली खां ने बताया कि नवाब इब्राहिम अली खां ने 36 साल तक इस महफिल का एहतेमाम किया था। रियासत काल में पैगम्बर हजरत की यौमे पैदाइश के मौके पर कई कैदियों की सजा माफ कर दी जाती थी और उन्हें रिहा किया जाता था।