
मुशायरा: कलाम पेश कर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा
टोंक. मुराद एकेडमी की ओर से ऑल इण्डिया मुशायरा और मुराद सईदी की पुस्तक ’’अजीजो के दरमियां’’ का विमोचन व मुराद सईदी अवॉर्ड-2022 का आयोजन बावडी रोड पर किया गया। इसकी अध्यक्षता शौकत अली खान ने की। मुख्य अतिथि डॉ. माजिद देवबन्दी थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. सोलत अली खान व शरफ नानपारवी नई दिल्ली थे। मुशायरे की शुरुआत में पुस्तक का विमोचन तथा शायरों को सम्मानित करके किया गया। मुशायरे में सबसे पहले ताहिर हुसैन ने नआते पाक पेश की।
इसके बाद स्थानीय शायरों व देश के अलग-अलग शहरों से आए शायरों ने कलाम से श्रोताओं को सुबह 3 बजे तक मंत्र मुग्ध कर दिया। मुशायरे में इमरान राज टोंकी ने ’ना गम का है आलम ना आलम खुशी का, अजब हाल है इन दिनों जिन्दगी का’, अनवर अमान अकबराबादी आगरा ने ’ये काम कितने सलीके से कर गया कोई, पेश कर दाद लूटी। शरफ नानपारवी नई दिल्ली ने ’लबों से फूल खिलाने का सिलसिला रखना, किसी ने कांपते होटों से इल्तजा की है’, रजा शैदाई, जयपुरी ने ’आपको भी तो गंवारा नहीं होगा शायद, आपके दर से मेरा लौट जाना खाली’, रेहान फारूकी सवाईमाधोपुर ने ’झूंठ कब पांव जमाने वाला है, ये जो सूरज है ढलने वाला है, उसकी नजरों से कुछ नहीं छुपता, रियाज तारिक, कोटा ने ’मैं तेरे नाज ए दुनिया उठा नहीं सकता’, डॉ. माजिद देवबन्दी ने ’वहीं-वहीं बढ़ी हुई इन्सानियत हुई महसूस, जहां-जहां भी मिले हैं मेरी जबान के लोग, पेश किया।
सरवर कमाल झांसी उत्तरप्रदेश ने ’हमने भी तो खून की किस्तें चुकाई ऐ वतन, पेश कर लोगों से दाद पाई। संचालन आए एस. के. हाकिम अय्युबी ने किया। सचिव फहीमुद्दीन खान ने बताया कि मुशायरे में खालिद एहतेशाम, के.आर.खान, मिर्जा नसीम बैग, शहाबुद्दीन खान, शब्बीर नागौरी, युसुफ एजाजी, लियाकत अली, सैयद आबिद शाह, अहमद शहजाद, अब्दुल मजीद, शादाब खान, राहिल अली, अयान अली, फरीद अहमद, अंजुम सैफी आदि थे।
Published on:
27 Oct 2022 04:37 pm
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
