
बनास नदी का उद्धार करेगा नमामि गंगे प्रोजेक्ट, ग्रास लैण्ड करेंगे विकसित
टोंक. केन्द्र सरकार के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत जिले में होकर बहने वाली बनास नदी का भी कायाकल्प होगा। ये प्रोजेक्ट यमुना नदी की सहायक नदियों को शुद्ध करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके तहत राजस्थान की प्रमुख नदियां, जिसमें चंबल, बनास, कालीङ्क्षसध, मेज, गंभीर और पार्वती को शामिल किया है।
टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी का भी उद्धार हो जाएगा। वर्तमान में बनास नदी कई मीटर गहरी खाइयां है। अवैध बजरी खनन एवं मिट्टी दोहन से वनस्पति का भी नाश हो रहा है। प्राकृतिक रूप से भी बनास का नुकसान पहुंच रहा है। इस योजना में काम शुरू करने की कवायद चल रही है।
जलवायु एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर भिजवाई है। बजट मिलने पर काम शुरू होना है। परियोजना में इन नदियों की भी सहायक नदियां और नाले शामिल होंगे। प्रदेशभर में इन परियोजना पर 2099.13 करोड़ रुपए खर्च होगा। इसके लिए नोडल एजेंसी वन विभाग को बनाया गया है।
इन विभागों को किया शामिल
परियोजना में नोडल एजेंसी वन विभाग रहेगी। इसके साथ ही अलग-अलग कार्यों को देखते हुए इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि, हॉर्टीकल्चर, जल संसाधन, मत्स्य विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी शामिल किया है। परियोजना में सात नदियों को प्रमुख रूप से शामिल किया है।
यह है बनास नदी
बनास नदी राजसमंद जिले के अरावली पर्वत श्रेणियों में कुंभलगढ़ के पास खमनौर की पहाडिय़ों से निकलती है। यह नाथद्वारा, राजसमंद और भीलवाड़ा, टोंक जिले के बाद रामेश्वरम सवाईमाधोपुर के समीप चंबल में गिर जाती है। टोंक जिले में इसकी लम्बाई करीब 105 किलोमीटर है।
यह होंगे कार्य
परियोजना के तहत प्लांटेशन, मृदा व जल संरक्षण, ट्रीटमेंट, जनजागरूकता, एंट्री प्वाइंट गतिविधियां, नर्सरी सुधार, अग्नि सुरक्षा, शोध कार्य और मॉनटङ्क्षरग व मूल्यांकन के कार्य होंगे। इसके अलावा साढ़े चार फीट की दीवार बनाना, ग्रासलैण्ड विकसित करने के कार्य भी किए जाएंगे।
टोंक में 12427.76 लाख रुपए खर्च होंगे: बनास नदी का 555.24 किलोमीटर का क्षेत्र है। इसमें डीसीएफ प्रोजेक्ट टोंक में 26739.98 हैक्टेयर भूमि पर 5878.26 लाख तथा बनास प्रोजेक्ट की 45154.15 हैक्टेयर भूमि पर 9904.45 लाख एवं टोंक जिले में 31030.62 हैक्टेयर भूमि पर 12427.76 लाख रुपए खर्च होंगे।
-अभी प्रोजेक्ट के बारे में कोई आदेश नहीं आया है। जानकारी है कि बनास नदी समेत अन्य नदियों में कार्य होंगे। फिलहाल आदेश नहीं मिले हैं।
घनश्याम गुप्ता, जिला उप वन संरक्षक टोंक
Published on:
24 Jan 2023 07:32 pm
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