
Naresh Meena (File Photo)
टोंक। जिला एवं सेशन न्यायालय ने समरावता थप्पड़ कांड से जुड़े मामले में देवली-उनियारा सीट पर हुए उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। लोक अभियोजक राजकिशोर गुर्जर ने बताया कि नरेश मीना के खिलाफ नगरफोर्ट थाने में मालपुरा उपखंड अधिकारी तथा उपचुनाव में एरिया मजिस्ट्रेट रहे अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का मामला दर्ज है। उक्त मामले में नरेश मीना की ओर से न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई गई थी। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।
देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव में हुए बवाल मामले में अब तक 57 जनों को कोर्ट की ओर से जमानत दी जा चुकी है। गत 6 जनवरी को जिला एवं सेशन न्यायालय टोंक ने समरावता मामले में गिरफ्तार 18 आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर की थी। इससे पहले गत 3 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट ने 39 जनों की जमानत याचिका मंजूर की थी। जबकि न्यायालय ने दो बार नरेश मीना की जमानत अर्जी खारिज की है।
गौरतलब है कि देवली-उनियारा सीट पर 13 नवम्बर 2024 को हुए मतदान के दिन समरावता गांव के लोग उनियारा तहसील में गांव को शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया था। इस दौरान मतदान कराने की सूचना पर निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीना समरावता गांव पहुंचे थे और दबाव डालकर वोट दिलाने का आरोप लगाते हुए मालपुरा एसडीएम व एरिया मजिस्ट्रेट अमित चौधरी को थप्पड़ जड़ दिया था।
इसके बाद ग्रामीण समेत समर्थक गांव में ही धरना देकर बैठ गए थे। रात को धरने के दौरान पुलिस ने नरेश को हिरासत में लिया था। लेकिन समर्थक पुलिस हिरासत से छुड़ा ले गए थे। इस दौरान आगजनी व पथराव हुआ था। इसमें कई लोग घायल हुए थे। दूसरे दिन 14 नवम्बर सुबह से ही हाइवे समेत अन्य मार्ग बंद कर विरोध-प्रदर्शन किया गया था। लेकिन पुलिस ने नरेश मीना को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद करीब 5 दर्जन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
Updated on:
10 Jan 2025 06:22 pm
Published on:
10 Jan 2025 05:55 pm
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