
लाइनें बिछाने के लिए तोड़ी गई सडक़ें नहीं हुई दुरुस्त, जनता को दे रही ‘दर्द’
पचेवर. कस्बे सहित आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में केन्द्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए सीसी सडक़ों को खोदा गया है। जलदाय विभाग की उदासीनता के चलते ठेकेदारों ने क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत नहीं की है। गांवों में मुख्य सडक़ों से लेकर गली-मोहल्लों में टूटी सडक़ें आज भी जनता को दर्द दे रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदारों ने हर घर नल कनेक्शन करने के लिए गांवों में लाखों रुपए की लागत से बनी सीसी सडक़ों को उखाड़ दिया है। ठेकेदारों ने पाइप लाइन डालकर एक साल बाद भी सडक़ों को दुरुस्त नहीं किया है। इससे आमजन को परेशानी हो रही है। दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे है।
सडक़ के गड्ढों में आए दिन वाहन फंस रहे है। गांवों में जगह-जगह से सीसी सडक़ें टूटने से धूल उड़ रही है। धूल के गुब्बार उडऩे से आमजन का जीना मुश्किल हो रहा है। धूल के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पडऩे के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है।अगर क्षतिग्रस्त सडक़ों की समय पर मरम्मत हो जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है।
इन पंचायतों में टूटी पड़ी सडक़ें
जल जीवन मिशन योजना में पचेवर, किरावल, नगर, कचौलिया, पारली, आवड़ा, मलिकपुर सहित अन्य पंचायतों में पाइप लाइन डाली गई थी। इसके लिए ठेकेदार ने सीसी सडक़ों को उखाड़ा दिया। वह सडक़ें आज भी उखड़ी पड़ी है। हल्की बारिश होने पर ही सडक़ें कीचड़ में तब्दील हो जाती है।
-जल जीवन मिशन योजना में जितनी सडक़ें टूटी हैं, उनकी मरम्मत करवाई जा रही है। अगर कुछ जगह सडक़ों की मरम्मत नहीं हुई तो करवाई जाएगी।
संदीप बाटड़, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग, मालपुरा
Published on:
07 Oct 2023 10:14 am
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