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बीसलपुर में मात्र छह प्रतिशत पानी रहा शेष, रोजाना तीन सेमी हो रहा कम

Bisalpur dam मानसून की बेरुखी के चलते बारिश नहीं होने के कारण बीसलपुर बांध का गेज रोजाना तीन सेमी कम होने लगा है। बांध में अब कुल जलभराव का लगभग छह प्रतिशत पानी शेष बचा हुआ है।

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बीसलपुर में मात्र छह प्रतिशत पानी रहा शेष, रोजाना तीन सेमी हो रहा कम

टोंक. मानसून की बेरुखी के बीच प्रदेश की सबसे बड़ी जलापूर्ति परियोजना बीसलपुर बांध पर संकट के बादल मण्डराने लगे हैं। स्थिति यह है कि पानी की आवक नहीं होने से बीसलपुर बांध अब जयपुर व अजमेर समेत अन्य कस्बों की आगामी एक माह ओर प्यास बुझा पाएगा।

पिछले कुछ दिनों से मानसून की बेरुखी के चलते बारिश नहीं होने के कारण बांध का गेज रोजाना तीन सेमी कम होने लगा है। बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बांध का गेज गुरुवार सुबह 305.30 आर एल मीटर दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार सुबह तक तीन सेमी घटकर 305.27 आर एल मीटर रह गया है, जिसमें 2.5 टीएमसी पानी का भराव है। बांध परियोजना के अभियंताओं के अनुसार बांध में अब कुल जलभराव का लगभग छह प्रतिशत पानी शेष बचा हुआ है।

मानसून की सक्रियता के अभाव में बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू नहीं हो पाई है। इधर, पानी की सीमितता के बीच चिंतित विभागीय अधिकारी गत मार्च माह से अब तक आपूर्ति में 45 फीसदी कटौती की जा चुकी है।

पिछले एक माह में बीसलपुर बांध में पानी की आवक नहीं होना विभाग व प्रदेशवासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जबकि प्रतिदिन 3 सेमी. पानी कम होने से वर्तमान में बांध का गेज 305.27 आरएल मीटर शेष रह गया है।


बीसलपुर बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बांध में 2.5 टीएमसी पानी का भराव शेष है, जो कि बांध में कुल जलभराव का लगभग छह प्रतिशत है, जिसमें से प्रतिदिन अजमेर को 250 एमएलडी., जयपुर को 400 एमएलडी व टोंक को 20 एमएलडी जलापूर्ति की जा रही है।


इधर, सूरजपुरा फिल्टर प्लांट के कनिष्ट अभियंता सुधीर सक्सेना ने बताया कि उक्त आपूर्ति को यथावत रखते हुए बीसलपुर बांध से आगामी 15 अगस्त तक जलापूर्ति की जा सकेगी। मानसून सक्रियता के अभाव में बांध में यदि पानी की आवक नहीं होती है तो राज्य सरकार व उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कटौती की जा सकती है।

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