
शहरवासियों का दर्द: ऊंची सडक़, नीचा बाजार, बारिश में फिर कैसे हो व्यापार
शहरवासियों का दर्द: ऊंची सडक़, नीचा बाजार, बारिश में फिर कैसे हो व्यापार
हर साल व्यापारियों को होता है नुकसान
बरसात में दुकानों में भर जाता है पानी
टोंक. सार्वजनिक निर्माण विभाग और नगर परिषद की ओर से शहर के बाजार में बनाई जा रही सडक़ों में लापरवाही बरती जा रही है। बाजार में ऊंची बन रही सडक़ के चलते बरसात में दुकानों में पानी भर जाता है। ऐसे में व्यापार प्रभावित हो रहा है।
शहर के बाजार में बनने वाली सडक़ों का हर बार दुकानदार विरोध करते हैं। लेकिन सुनवाई नहीं होती है। इसका असर यह हो रहा है कि सडक़ से दुकान नीचे होती जा रही है। ऐसे में जरा सी बरसात में ही दुकानों में पानी भर जाता है। ऐसा विरोध इन दिनों भी किया गया है।
लेकिन इस ओर सार्वजनिक निर्माण विभाग अनदेखी बरत रहा है। गत दिनों ऐसी ही लापरवाही एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने घंटाघर से बड़ा कुआं की ओर डामर सडक़ का निर्माण करने में की है। सार्वजनिक निर्माण विभाग करीब 300 मीटर से अधिक सडक़ का निर्माण कर चुका है।
इस निर्माण से व्यापारियों को यह परेशानी है कि सडक़ की ऊंचाई बढऩे पर दुकानों में बरसात का पानी भर जाएगा। ऐसा हर साल होता है। गत वर्ष भी करीब 5 से 6 करोड़ का नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से शहर में घंटाघर से लेकर बड़ा कुआं की ओर डामर सडक़ का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा अन्य सडक़ें भी बनाई जा रही है। इसकी लागत करीब 3 करोड़ रुपए है।
लगातार नीचे हो रही है दुकानें
शहर के मुख्य बाजार घंटाघर से लेकर बड़ा कुआं तक मकान और दुकान का निर्माण करीब 4 से 5 दशक पुराना है। लेकिन सडक़ों का निर्माण लगभग हर दशक में किया जाता है। ऐसे में मकान और दुकानों की ऊंचाई कम होती जा रही है।
वहीं नगर परिषद ने शहर के पानी निकास पर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते जरा सी बरसात में भी बाजार में पानी भरना आम है। दिन में तो दुकानदार पानी भरने पर सावधानी बरतते हैं। लेकिन रात को होनी वाली बरसात में पानी दुकानों में भर जाता है। ऐसे में दुकान में रखा सामान भीग जाता है।
कभी तीन सीढ़ी चढ़ते थे
घंटाघर से लेकर बड़ा कुआं तक का का बाजार 200 साल पुराना है। वहीं पुरानी टोंक का बाजार एक हजार साल पुराना है। दुकानदारों के मुताबिक जब पहले दुकान के बाहर तीन सीढ़ी होती थी, जिस पर चढकऱ दुकान के अंदर जाया जाता था।
लेकिन बाद में सडक़ पर सडक़ बनती गई। आज आलम यह हो गया कि दुकान के फर्श से सडक़ की ऊंचाई करीब 9 इंच ऊपर हो गई है। अब तीन इंच की सडक़ का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग और करा रहा है। ऐसे में दुकान एक फीट तक नीचे चली जाएगी।
सडक़ के साथ देते पानी निकास पर ध्यान
सार्वजनिक निर्माण विभाग सडक़ पर सडक़ तो बना रहा है। लेकिन बरसात के दिनों में होने वाली पानी निकास के नालों पर कोई ध्यान नहीं है। इसके चलते बरसात के दिनों में बाजार दरिया बन जाता है। काफी देर तक भी पानी निकास नहीं होता और पानी दुकानों में चला जाता है।
डेढ़ हजार दुकानदार प्रभावित
शहर में करीब 6 हजार दुकानें है। इनमें से पुरानी टोंक में 600 तथा घंटाघर से बड़ा कुआं तक करीब एक हजार से अधिक मुख्य मार्ग स्थित दुकानदार बरसात ेमें हर बार प्रभावित होते हैं।
फैक्ट फाइल
प्रभावित बाजार- घंटाघर से बड़ा कुआं तथा पुरानी टोंक
प्रभावित दुकानदार - 1800
बरसात से होता है नुकसान- 6 करोड़
यह बोले महासंघ पदाधिकारी
बाजार में सडक़ बननी चाहिए। लेकिन विभाग को यह भी देखना चाहिए कि किसी का कोई नुकसान तो नहीं हो रहा। सडक़ पर बन रही सडक़ से बाजार स्थित दुकानें लगातार नीची होती जा रहा है। इससे नुकसान ही है।
- मनीष बंसल, अध्यक्ष श्रीव्यापार महासंघ टोंक
पहले तीन सीढ़ी चढकऱ दुकान पर जाते थे। अब कई दुकानें तो सडक़ से भी नीची हो गई है। ऐसे में जरा सी बरसात में ही दुकान में पानी भर जाता है। अबकी बार सडक़ का निर्माण रुकवाया है। विभाग को इसमें देखना होगा।
- आनंदवर्धन बम, महामंत्री श्रीव्यापार महासंघ टोंक
इनका कहना है
सडक़ निर्माण के समय खुदाई को शामिल नहीं किया गया था। पहले भी सडक़ ऐसी ही बनी है। सडक़ निर्माण को रोक दिया है। तीन इंच की मोटाई वाली सडक़ बनाने के लिए पहले इतनी खुदाई की जाएगी।
- दीन मोहम्मद, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक
Published on:
28 Sept 2023 09:25 pm
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