
पलाश के फूल पहाड़ों का बढ़ा रहे सौन्दर्य, सुगंध से महक रहा आसपास का क्षेत्र
निवाई. रक्तांचल पर्वत और उसकी तलहटी में पलाश के फूलों की बहार आने से बहुत सुंदर नजारा देखने को मिला है। शहर के रक्तांचल पर्वत और और उसकी तलहटी में लगे पलाश के हजारों पौधों से पतझड़ में सारी पत्ते गिर के जाने के बाद अब फूल खिल रहे है। जिससे हर कोई पलाश फूलों को देखकर आनंदित हो रहा है।
एक साथ लगे पलाश के पौधों पर खिले नारंगी रंग के फूलों की हल्की महक से आसपास का क्षेत्र सुगंधित बना हुआ है। नारंगी रंग के फूल दूर से क्तांचल पर्वत की शोभा बढ़ा रहे है। टोंक रोड़ पर स्थित वन विभाग के संजय वन के बाहर से गुजरने वाले वाहन चालक अपने वाहनों को रोककर पलाश के खिले फूलों का नजारा देखने के लिए अपने वाहन रोककर देख रहे है।
साथ ही फूलों के खूबसूरत नजारे को अपने कैमरे में कैद कर रहे है। साथ फूलों के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे है। पलाश के फूलों से रक्तांचल पर्वत की रौनक देखते ही बनती है।
खूबसूरत फूलों को देखकर हर कोई अचंभित होता दिख रहा है। प्रकृति का उक्त मनोहरम ²श्य मानव जाति को यहीं संदेश देता नजर आ रहा है कि पत्रिका के हरियालों राजस्थान अभियान की मुहिम से जुडकऱ अधिक से अधिक पेड़ लगाकर अभियान का हिस्सा बन सकते है।
फूलों से बनाते थे रंग
रक्तांचल पर्वत में पहले पलाश के लाखों पौधे हुआ करते थे। फूलों के पेडों से गिरने के बाद लोग उनको जमीन चुनते थे। तथा मिट्टी के घड़ों में भिगोकर रंग बनाते है। उस रंग से होली खेला करते थे तथा सफेद कपडे भी रंगा करते थे। लेकिन समय की आधुनिकता के चलते प्रकृति के सुंदर रंग को लोग भूल चुके है। लेकिन प्रकृति आज भी अपनी अद्भुतता से हर एक को प्रकृति संरक्षण का संदेश दे रही है।
Published on:
03 Apr 2022 03:44 pm
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