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बघेरा आने से ग्रामीणों में दहशत, मवेशियों का कर रहा शिकार

नोहटा में लगातार 5 दिन से बघेरे द्वारा मवेशियों का शिकार करने से ग्रामीणों में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति रोष व्याप्त है।

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बघेरा आने से ग्रामीणों में दहशत, मवेशियों का कर रहा शिकार

बघेरा आने से ग्रामीणों में दहशत, मवेशियों का कर रहा शिकार

निवाई. गांव नोहटा में लगातार 5 दिन से बघेरे द्वारा मवेशियों का शिकार करने से ग्रामीणों में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति रोष व्याप्त है। वार्ड पंच रामलाल चौधरी, सीताराम रैगर, रामफूल, छीतरलाल, सीताराम जाट, नाथूलाल, श्योजीराम सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की रात को रैगर कॉलोनी में पहाड़ की गुफा से निकल कर बघेरा मवेशियों के शिकार के लिए आया था, लेकिन ग्रामीणों के जगे होने से बघेरा पशुओं का शिकार नहीं कर पाया।

गांव में बघेरे आने की खबर सुनते ही कई ग्रामीण हाथों में लाठियां लेकर खड़े हो गए। और टॉर्च जलाकर आसपास क्षेत्र में जोर जोर से आवाज करते हुए बघेरे को तलाशा, लेकिन बघेरा कहीं नजर नहीं आया। ग्रामीणों ने रैगर कॉलोनी में बघेरे के पद चिन्ह देखें।

ग्रामीणों ने बताया कि बीत पांच दिन में बघेरे ने गाय के दो बछड़ों, दो बकरियों तथा गांव के एक श्वान का शिकार कर चुका है, जिसकी सूचना सहायक वनपाल रामनारायण मीणा को मोबाइल दे दी गई, लेकिन सूचना देने के बाद भी सहायक वनपाल पांच दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर नहीं आए।

ग्रामीणों ने बताया कि सहायक वनपाल व रेंजर से नोहटा गांव की पहाडियों में बघेरे को पकडऩे के लिए प्रतिदिन शिकार रखने के लिए बार बार कहने के बाद भी अभी तक पिंजरा नहीं रखा गया है।

कांटोली व नोहटा के बीच एक बाड़े में बघेरे द्धारा दो बकरियों के शिकार करने की सूचना पर मौके पर गया था और बघेरे के पद चिह्न होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी। अधिकारियों से निर्देश मिलते ही पिंजरा रखवाया दिया जाएगा।
रामनारायण मीणा, सहायक वनपाल, निवाई