6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

video: कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों की जगह परिजनों ने लिया भाग

जिला स्तरीय कार्यशाला में लगभग 100 से अधिक सरपंच महिलाओं को भाग लेना था

2 min read
Google source verification
जिला स्तरीय कार्यशाला

जिला स्तरीय कार्यशाला में लगभग 100 से अधिक सरपंच महिलाओं को भाग लेना था, लेकिन उनके स्थान पर महिलाओं के पति, ससुर व देवर कार्यशाला में भाग लेते हुए नजर आए।

मालपुरा. ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की ओर से यूनीसेफ व जिला प्रशासन के सहयोग से ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत चलाए जा रहे आपणी योजना आपणो विकास कार्यक्रम के तहत गुरुवार को भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकागनर में जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यशाला हुई।

कार्यशाला में योजनाओं के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विचार-विमर्श कर दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा योजनाओं की क्रियान्विति के बारे में बताया। कार्यशाला में जिला प्रमुख सत्यनाराण चौधरी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से कई प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाता है, लेकिन योजनाओं के बारे में पूर्ण जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को पूरा नहीं मिल पाता है।

यूनिसेफ के पीपीई शफक्त हुसैन ने योजनाओं के आवंटित लक्ष्यों में सरपंचों व सचिवों की भूमिका के बारे में बताया। पंचायत राज विभाग के सलाहकार डॉ. पी. आर. शर्मा ने ग्राम पंचायत की वार्षिक योजना तैयार करने के बारे में जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजू लाल गुर्जर, रिद्धी फाउण्डेशन के एम.एन.राय, इंटट कॉपरेशन हैदराबाद के देवांशु चक्रवर्ती, उप जिला प्रमुख अवधेश शर्मा ने भी ग्राम पंचायतों के समग्र विकास पर विस्तार से जानकारी दी।


इससे पूर्व सरपंच संघ जिलाध्यक्ष हंसराज धाकड़, जिला मिडिया प्रभारी महेन्द्र सिरौठा, मालपुरा सरपंच संघ अध्यक्ष घनश्याम गुर्जर सहित सरपंचों की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यशाला में प्रधान सरोज चौधरी, टोडारायसिंह प्रधान शीला मीणा सहित जिले के सभी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों के प्रधान, विकास अधिकारी, सरपंच व सचिवों ने भाग लिया।

मालपुरा के अविकानगर में आयोजित कार्यशाला में मंचस्थ अतिथि।

महिला जनप्रतिनिधियों की रही कमी
जिला स्तरीय कार्यशाला में लगभग 100 से अधिक सरपंच महिलाओं को भाग लेना था, लेकिन उनके स्थान पर महिलाओं के पति, ससुर व देवर कार्यशाला में भाग लेते हुए नजर आए। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पंचायत राज में महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए पचास प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर रखा है।