
सोरण गांव स्थित नगर परिषद के डम्पिंग यार्ड में लगी आग।
टोंक. शहर के सोरण गांव स्थित नगर परिषद के डम्पिंग यार्ड के कचरा तथा उसी परिसर में रखे आरयूआईडीपी की टोंक वाटर सप्लाई कम्पनी के पाइपों में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लग गई। इससे लाखों रुपए के पाइप जल गए। वहीं चौंकाने वाली बात ये भी है कि सीवरेज लाइन के साथ पानी की पाइप लाइन डालने के लिए करोड़ों रुपए के पाइप परिसर में रखे हुए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
ऐसे में ये आग विकराल रूप के साथ तेजी से आगे बढ़ती गई। सोरण गांव के जेसीबी चालक रामजीलाल जाट ने जान जोखिम में डालकर अधिकतर पाइपों के ग_र को अलग किया। ऐसे में आग पूरे पाइपों में नहीं लग पाई। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची नगर परिषद की दो दमकलों से आग पर काबू पाया। आग अधिक होने से दमकलों की भी सांस फूल गई। उन्हें चार बार पानी भरकर लाना पड़ा। तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। इधर, टोंक वाटर सप्लाई के जनसम्पर्क अधिकार प्रवीण पाण्डे ने बताया कि आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है, लेकिन नुकसान लाखों रुपए का है।
नजर अंदाज कर दिया
आरयूआईडीपी की ओर से शहर में सीवरेज लाइन तथा पानी की पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पानी की लाइन के पाइप डम्पिंग यार्ड में रख दिए गए। इसका कारण था कि कम्पनी को दूसरी कोईजगह नहीं मिली। ऐसे में डम्पिंग यार्ड परिसर में बिना सुरक्षा के ही करोड़ों के पाइप डाल दिए। जबकि नियमों के अनुसार ये पाइप किसी कवर्ड परिसर में रखे जाने चाहिए थे। साथ ही उनमें लगने वाली आग पर काबू पाने के लिए अग्नियंत्र भी रखने चाहिए। अब शहर में डाली जा रही पाइप लाइनों में देरी होगी।
लगातार आग, फिर भी अनजान
डम्पिंग यार्ड में शहर से निकलने वाले कचरे को डाला जाता है। इस कचरे में आए दिन आग लगती रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार लगने वाली आग के बावजूद कम्पनी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार को भी ये आग दोपहर 2 बजे लगी, अधिकारी इसे कचरा समझ अनदेखा करते रहे, लेकिन जब आग विकराल रूप ले चुकी तब जाकर दोपहर तीन बजे दमकल को सूचना दी गई।
डर गए समीप के लोग
डम्पिंग यार्डके समीप ही भील तथा बैरवा समाज की बस्ती रहती है। इनके दर्जनों झोपड़े हैं। गनीमत रही कि हवा का रुख दूसरी ओर था। ये हवा झोपड़ों की तरफ चलती तो आग इन तक भी पहुंच जाती और बड़ा हादसा हो जाता। आग को देख बस्ती के लोग डर गए।
कम्पनी पर करेंगे कार्रवाई
-खुले में ऐसी जगह पाइप नहीं रखने चाहिए थे, जहां आग लग सकती है। वहीं कम्पनी ने आग से बचाव के लिए कोई साधन भी नहीं रखे थे। ऐसे में सम्बन्धित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिचपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता, आरयूआईडीपी, टोंक
हादसा टला
मालपुरा. उपखण्ड के लावा से डिग्गी मार्ग पर अज्ञात कारणों से एक खेत की मेढ़ पर रखी लकडिय़ों में आग लग जाने से वहां स्थित विद्युत ट्रांसफार्मरों की केबलों जल गई। लोगों ने तत्काल विद्युत विभाग को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। आग लग जाने से वहां बाढ़ पर स्थित चार विद्युत ट्रासंफार्मर की केबलों ने आग पकड़ ली।लोगों ने आपसी सहयोग से आग पर काबू पाया। विद्युत आपूर्ति बंद होने से बड़ा हादसा टल गया।
Published on:
21 Apr 2018 12:20 pm
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