
सरकारी भूमि से मिट्टी खनन का विरोध, आरोपियों ने की मारपीट, सदर थाने में दी रिपोर्ट
सरकारी भूमि से मिट्टी खनन का विरोध, आरोपियों ने की मारपीट, सदर थाने में दी रिपोर्ट
टोंक जिले में अवैध मिट्टी खनन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। खनन से जुड़े लोग अब मारपीट पर भी उतार आए हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के समीप वजीरपुरा में सामने आया। जहां दर्जनभर आरोपियों ने पांच जनों के साथ मारपीट कर दी।
इसकी रिपोर्ट सदर थाने में दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट दिलखुश, रामलाल, मनीष तथा हरकेश ने दी है। इसमें बताया कि नयागांव, लहन व बोरदा समेत समीप के गांवों में मिट्टी का खनन किया जा रहा है।
यह मिट्टी अन्य कार्य समेत इंट भट्टा पर जा रही है। उनका आरोप है कि गांवों में यह मिट्टी सरकारी भूमि से उठाई जा रही है। इसके खसरा नम्बर भी पुलिस को दिए हैं। आरोप लगाया कि सरकारी भूमि पर खनन कर खाइयां कर दी गई है।
इससे भविष्य में बड़ा नुकसान होगा। जबकि जिले में बनास नदी के अलावा कहीं भी मिट्टी खनन की लीज नहीं है। इसके बावजूद खनन किया जा रहा है। इसका विरोध करने पर मारपीट की जाती है। इससे नाराज क्षेत्र के कैलाश, राजेश, अहसान बाबा, अशोक, आशाराम, जीतराम समेत कई लोग सदर थाने पहुंच गए और खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विभाग को देना होगा ध्यान
पुलिस भले ही अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई का दावा करती हो। लेकिन बजरी के अलावा अन्य खनन पर नियंत्रण नहीं है। लोगों का कहना है कि चराई रोड पर देवपुरा समेत अन्य गांवों में बालू मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है।
इसकी शिकायत पुलिस और खनिज विभाग को भी दी जाती है। लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती। जबकि जिले में मिट्टी खनन से जुड़ी एक भी लीज नहीं है। इसके बावजूद पुलिस और खनिज विभाग गम्भीर नहीं है।
Published on:
09 Dec 2023 07:40 pm
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