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खरीफ के बाद अब रबी की फसल पर संकट, बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों को रुलाया

पहले खरीफ और अब रबी की फसलों में हो रही बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों के आंसू निकाल दिए हैं। दो दिन से हो रही बरसात से किसान फसल को देखकर ङ्क्षचतित है। शनिवार को मौसम साफ होने पर किसानों ने बची फसल को बचाने की जुगत की। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पानी गिरने से गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है।  

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टोंक. पहले खरीफ और अब रबी की फसलों में हो रही बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों के आंसू निकाल दिए हैं। दो दिन से हो रही बरसात से किसान फसल को देखकर ङ्क्षचतित है। शनिवार को मौसम साफ होने पर किसानों ने बची फसल को बचाने की जुगत की। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पानी गिरने से गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है। इसका कारण है कि गेहूं की फसल में पानी चले जाने के बाद गेहूं उसका रंग बदल जाता है।

इससे मंडी में आने पर किसान के गेहूं का भाव कम मिलेगा व 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक का नुकसान किसानों को उठाना पड़ सकता है। किसान वजीरपुरा निवासी शंकरलाल जाट, बमोर निवासी रामलाल समेत अन्य किसानों ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की फसल पककर खेतों में खड़ी है, जिसकी कटाई चल रही है। किसानों ने फसल को काटकर घर ले जाने के लिए खेतों में ढेर कर रखा है। बारिश में अधिकांश खराब होने की संभावना है।

बारिश के साथ ओले
नगरफोर्ट. तहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र में गुरुवार से बिगड़े मौसम ने किसानों की ङ्क्षचता बढ़ा रखी है। शुक्रवार को देर शाम को एकाएक मौसम बदला और तेज हवा आंधी के साथ बारिश होने लगी, कुछ देर तेज बारिश हुई । नगरफोर्ट सहित आसपास के इलाकों में बारिश के साथ कही कही ओले भी गिरे। कई जगह फसलें खेतों में आड़ी पड़ी नजर आई तो कई जगह कटकर खेतो में पड़ी नजर आई। ऐसे में किसानों के चेहरे पर ङ्क्षचता दिखी। खेतों में गेहूं, चना, सरसों आदि की फसलें बिछ गई। गेहूं के साथ अन्य फसलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ।

किसानों के चेहरे मुरझा गए

पीपलू. उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार शाम को हुई तेज बारिश व कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। बेमौसम हो रही बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें खराब हो गई है। शुक्रवार को बीजलपुरा, हाडीखुर्द सहित कई क्षेत्रों में 10 मिनट तक बेर के आकार के ओल गिरे। लगातार दो दिन तक हुई बारिश से ग्रामीण किसानों के चेहरे मुरझा गए। किसान कुदरत की मार से काफी आहत नजर आए। किसानों ने बताया कि बारिश में खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल के भीगने से दाना काला पड़ जाएगा।

फसलों में काफी नुकसान की संभावना
पलाई. कस्बे समेत आस पास के गांवो में तेज हवाओं के साथ बरसात होने से खेत में खडी व काटकर रखी फसल खराब हो गई। बारिश होने से खेतों में गेहूं, जौ, चना की फसल में नुकसान होने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। किसान रामदेव, रामकिशन, रामधन सोजीलाल मांगीलाल आदि ने बताया कि इन दिनों खेतों में फसल पककर तैयार थी तथा किसान फसल की कटाई में जुटे हुए थे। बारिश से अधिकांश फसलों में काफी नुकसान की संभावना है।

खेतों में पहुंचे कृषि अधिकारी

जिले में गुरुवार और शुक्रवार को हुई बरसात के बाद शनिवार को कृषि विभाग की टीमों ने गांवों का दौरा कर नुकसान से प्रभावित क्षेत्रों के बीमित किसानों को बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर पर 72 घण्टे में सूचना देने को कहा। ताकि किसानों को बीमा क्लेम मिल सके। विभाग के संयुक्त निदेशक के. के. मंगल ने बताया कि गेहूं की खड़ी एवं खेत में कटी हुई फसलों में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है, जिनका सर्वे कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारियों एवं कृषि पर्यवेक्षक कर रहे हैं।