13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ड्यूटी के साथ रजिया बानो ने गांव में महिला शिक्षा की अलख जगाई

रजिया अपने गांव की पहली लडक़ी है, जो पुरानी सोच को बदलकर पढ़ाई कर राज्य सेवा में पहुंची। उसने अपने दादा एवं चाचा को पुलिस सेवा में आमजन की सेवा में मुस्तैदी से सेवा करते देखा और इसी जज्बे को अपनी ङ्क्षजदगी का हिस्सा बनाने की ठान ली।  

less than 1 minute read
Google source verification
ड्यूटी के साथ रजिया बानो ने गांव में महिला शिक्षा की अलख जगाई

ड्यूटी के साथ रजिया बानो ने गांव में महिला शिक्षा की अलख जगाई

देवली. जहां लड़कियों को जल्दी से घर के बाहर अकेले भेजने से परिजन कतराते हैं। रजिया बानो ने ऐसी परिस्थितियों में भी बचपन से बुलंद हौसलों के साथ गांव से पहली लडक़ी रही, जो अपने घर से दो किलोमीटर दूर पैदल बारिश में घुटनों तक पानी के बीच, तपती गर्मी एवं हार्ड कंपकपाती सर्दी में स्कूल जाना और वापस लौटकर बिजली के अभाव में चिमनी की रोशनी में पढ़ाई कर अपना भविष्य संवारा। उसने अपने दादा एवं चाचा को पुलिस सेवा में आमजन की सेवा में मुस्तैदी से सेवा करते देखा और इसी जज्बे को अपनी ङ्क्षजदगी का हिस्सा बनाने की ठान ली।


20 घरों की छोटी सी बस्ती के अपने गांव राजनगर में मुस्लिम एक परिवार ही है, लेकिन अपने गांव की पहली लडक़ी है, जो पुरानी सोच को बदलकर पढ़ाई कर राज्य सेवा में पहुंची। वर्ष 2007 में पुलिस सेवा में सवाई माधोपुर जिले में नियुक्ति मिली। वहां कंप्यूटर साइबर सेल, महिला थाने में कार्यरत कई मामलों का समाधान किया। शादी के बाद से विगत 10 वर्षों से टोंक जिले में थानों में ड्यूटी की है। महिला कांस्टेबल रजिया बानो ने बताया कि ससुराल में भी सभी शिक्षित है। इसलिए उसे पुलिस सेवा में कोई परेशानी नहीं है। टोंक जिले में पुलिस सेवा में 200 महिला कांस्टेबल है, लेकिन मुस्लिम समाज से वह एकमात्र इस पद पर कार्यरत है।

500 का रिवॉर्ड प्रदान किया

इनाम बतौर 500 का रिवॉर्ड प्रदान किया। 15 वर्षों से अपने कर्तव्य निष्ठा के साथ पुलिस में अपनी सेवाएं दे रही है। पुलिस विभाग के स्पीच अप कार्यक्रम से भी महिलाओं को कानूनी अधिकार से अवगत करवाकर संबल देने का प्रयास किया है।