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चौथी पीढ़ी में सेवानिवृत हुए कैप्टन का स्वागत, तीन किमी तिरंगायात्रा में उमड़ा सैलाब

मातृभूमि की रक्षा की जिम्मेदारी निभा बाद सेवानिवृत होकर लौटे रोझ परिवार की चौथी पीढ़ी के कैप्टन पूरणवीर ङ्क्षसह रोझ का कस्बे के ग्रामीणों ने स्वागत किया। स्वागत में सरोली मोड़ से कस्बा स्थित दूणजा माता मंदिर तक निकाली गई तिरंगायात्रा में महिला, पुरुष एवं युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।  

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चौथी पीढ़ी में सेवानिवृत हुए कैप्टन का स्वागत, तीन किमी तिरंगायात्रा में उमड़ा सैलाब

चौथी पीढ़ी में सेवानिवृत हुए कैप्टन का स्वागत, तीन किमी तिरंगायात्रा में उमड़ा सैलाब

दूनी. मातृभूमि की रक्षा की जिम्मेदारी निभा बाद सेवानिवृत होकर लौटे रोझ परिवार की चौथी पीढ़ी के कैप्टन पूरणवीर ङ्क्षसह रोझ का कस्बे के ग्रामीणों ने स्वागत किया। स्वागत में सरोली मोड़ से कस्बा स्थित दूणजा माता मंदिर तक निकाली गई तिरंगायात्रा में महिला, पुरुष एवं युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सरोली से दूनी तक ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने जगह-जगह सेवानिवृत कैप्टन का फूल-माला एवं साफा पहना स्वागत किया।

दूनी सरोली मार्ग आवां सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज ने कैप्टन रोझ का केलों से तोल स्वागत-सम्मान कर पराक्रम भरे जीवन पर आधारित एक अभिनंदन-पत्र भेंट किया। जाट रेजिमेंट बरेली में तैनात कैप्टन पूरण वीर सेवानिवृत होने के बाद गांव पहुंचे, जहां छान के बाद सरोली में स्वागत किया गया। नगरपालिका चेयरमैन मायादेवी बलाई सहित पार्षदों ने स्वागत-सम्मान किया।

तिरंगायात्रा के दौरान डीजे पर चल रहे देशभक्ति गाीतों पर लोगों ने जमकर भारत मां के जयकारे लगाए। गौरतलब है कि सेवानिवृत कैप्टन पूरण ङ्क्षसह रोझ का परिवार चार पीढिय़ों से सेना में है। उनके परदादा धूलचंद रोझ प्रथम विश्व युद्ध, दादा श्रीलाल रोझ ने द्वितीय विश्व युद्ध में दुश्मनों से लोहा लिया। दादा श्रीलाल को तो कालेपानी की सजा तक हुई। पिता भंवरलाल रोझ ने भी भारतीय सेना में सैनिक के रूप में सेवाएं दी। वर्तमान में सेवानिवृत कैप्टन का छोटा भाई रणवीर ङ्क्षसह भारतीय सेना में सूबेदार पद पर सेवाएं दे रहे है। इस मौके पर दूनी सहित आस-पास के कस्बे-गांव के लोग थे।