
मुनि ने जिनवाणी और जैन साहित्य का सार बताते हुए समझाया कि अपराधी व दुष्ट को सजा देने का अधिकार कानून और पुलिस को है।
आवां. कोई स्वजनों को मार डाले तो भी तुम्हें उसे मारने का अधिकार नहीं है। जैन दर्शन में मारने से मर जाने को बेहतर माना है। आवां सुदर्शनोदय तीर्थ पर मुनि पुगंव सुधासागर ने मंगल-प्रवचन के दौरान उक्त उद्गार प्रकट करते हुए हिंसा से बचने की राह दिखाई।
मुनि ने जिनवाणी और जैन साहित्य का सार बताते हुए समझाया कि अपराधी व दुष्ट को सजा देने का अधिकार कानून और पुलिस को है। इन्सान को पुण्र्यात्मा ही नहीं डाकू को मारने के भाव भी नहीं लाना चाहिए। अपयश से बचने के साथ ऐसा करने से आपके मान-सम्मान की हानि भी नहीं होगी।
मुनि ने कहा कि महान आत्माओं के लिए क्रोध कर हिंसा करना शास्त्रोचित नहीं है। बुराई पिटने में नहीं पीटने में है। समाज में अपराधी को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है। अपराधियों की नागरिकता तक खतरे मे पडऩे का उदाहरण देते हुए मुनि ने कहा कि भारतीय कानून ने भी माना है कि अपराधी अच्छा राजा नहीं चुन सकते।
मुनि ने शासकीय और प्रशासनिक पदों पर काबिज लोगों के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही इनके अंगरक्षक होते है, लेकिन सुरक्षा के लिए इनके स्वयं के पास कोई अस्त्र-शस्त्र नहीं रखना भी इस मान्यता के सम्बन्ध में ठोस प्रमाण है।
आहार प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा की मुनि विशेष खाने से नहीं श्रावकों की श्रद्धा से अभिभूत होते हैं, तथा प्रतिदिन बनने वाले और सामान्य भोजन को अधिक पसन्द करते हैं।
मंगल प्रवचन और जिज्ञासा समाधान व अन्य धार्मिक आयोजनो के दौरान आवां तीर्थ क्षेत्र पर मुनि पुंगव 108 सुधासागर के साथ मुनि महासागर, निष्कंप सागर, क्षुल्लक धैर्य सागर व गम्भीर सागर के मुखारबिन्द से अमृत वाणी बरस रही है।
श्रवण कोठारी ने बताया भगवान के नित्य अभिषेक, शान्ति-धारा, मंगल-प्रवचन और जिज्ञासा समाधान में देश-भर के पुण्र्याजक उमड़ रहे हंै।
विश्व शान्ति कामना महायज्ञ
टोंक. मेहंदवास स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर में शुक्रवार से 23 दिवसीय अखण्ड वृहद्ध अनुष्ठान शुरू होंगे। इसको लेकर विश्व शान्ति कामना महायज्ञ का आयोजन होगा।
समिति कोषाध्यक्ष राजेश जैन ने बताया कि इस मौके पर आर्यिका विजयमती के सान्निध्य में सुबह 6 बज देवाज्ञा, सकलीकरण, मण्डल शुद्धि के बाद नित्यपूजा, शान्तिधारा आदि के आयोजन होंगे। अनुष्ठान 23 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन आर्यिका के प्रवचन होंगे।
निर्वाण महोत्सव 7 को
निवाई ञ्च पत्रिका. घाटा करीरिया श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा संन्यास आश्रम में मंगलवार को संत भजनानन्द गिरी का प्रथम निर्वाण महोत्सव संत कर्मानन्दगिरी के सान्निध्य में मनाया जाएगा। सोमवार रात्रि सत्संग एवं मंगलवार को गुरु पूजन सहित कई धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि महाआरती करके महाप्रसादी वितरित की जाएगी।
Published on:
03 Aug 2018 05:10 pm
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