
मनमाने ढंग से आदेश जारी करने का लगाया आरोप, निजी विद्यालय के संचालकों ने जताया रोष
सरकार की ओर से निजी विद्यालयों के लिए मनमाने आदेश जारी करने के खिलाफ स्कूल शिक्षा परिवार की और से सोमवार को कलक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एडीएम व जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की और से निजी विद्यालयों के विरुद्ध जारी मनमाने आदेश जारी करने पर निजी शिक्षण संस्थानों में रोष है।
परेशान करने का लगाया आरोप
जिला अध्यक्ष शब्बीर नागोरी ने बताया की राजस्थान में हाल ही में भाजपा सरकार का गठन हुआ है सरकार ने आते ही मनमाने ढंग से आदेश जारी करने शुरू कर दिए है। नागौरी ने बताया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने हाल ही में राज्य के सभी निजी विद्यालयों को हैरान एवं परेशान करने के उद्देश्य से जांच के आदेश जारी किए है । जबकि सुप्रीम कोर्ट ने निजी विद्यालयों की स्वायत्ता में बिना किसी कारण के हस्तक्षेप नहीं करने के लिये निर्देशित किया हुआ है।
प्रत्येक बच्चे को शिक्षा देना सरकार का दायित्व
ज्ञापन में बताया कि सरकार स्वयं के दायित्व को तो पूरा नहीं कर पा रही उसे छुपाने के लिए जान बुझ कर परेशान कर रही है । सरकार समय पर भुगतान नहीं करती। राज्य के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा देना सरकार का दायित्व है जिसे पूरा करने में निजी विद्यालय कंधे से कंधा मिला कर चल रहे है फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है।
विद्यार्थीयों को भी कर रहे परेशान
उन्होने ने ज्ञापन में आरोप माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी नए-नए आदेश निकालकर विद्यार्थीयों को परेशान कर रहा है । एक और जहा केन्द्र सरकार ओपन बुक परीक्षा लागू करने जा रही है वहीं राज्य सरकार और बोर्ड विद्यार्थियों को मानसिक रूप से परेशान कर रही है ।
ज्ञापन में निजी विद्यालय संचालकों ने सरकार को आगाह किया के यदि विवादित आदेश वापस नहीं लिए गए तो प्रदेश स्तरीय उग्र आंदोलन होगा। जिसकी समस्त ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस अवसर पर रमेश काला, ख़ालिद एहतेशाम, विशाल श्रीवास्तव, महावीर यादव, फज़़लुरहम्न, मुमताज़ ख़ान, शिव प्रसाद श्रीवास्तव, चौथमल सैनी, राजीव पाल आदि सहित अन्य निजी विद्यालय संचालक उपस्थित रहे ।
Published on:
27 Feb 2024 06:57 pm
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