
Tonk News: सामाजिक व्यवस्थाओं में महिला को पुरुषों के समान जिम्मेदारी नहीं दी जाती है। लेकिन बुधवार को भासू गांव में सेन समाज ने पिता की पगड़ी भाई को तथा भाई की मौत के बाद वारिस के रूप में बहन को पगड़ी बंधवाकर जिम्मेदारी देते हुए एक नई पहल की है। उपखण्ड के भासू गांव में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जिसमें डेढ़ दशक पहले पति की मौत के बाद बेवा मां रामप्यारी ने इकलौते बेटे नोरत और बेटी रेखा का मेहनत मजदूरी कर पालन पोषण किया। बालिग होने के बाद दोनों का विवाह हुआ। बीते वर्ष में पुत्र नोरत की आजीविका पर आश्रित रामप्यारी अपनी तलाकशुदा बेटी रेखा और उसके 8 वर्षिय पुत्र के साथ रहते हुए जीवन यापन कर रही थी। लेकिन गत 16 नवंबर की रात अचानक घर में इकलौते पुत्र नोरत की मौत हो गई। घर में गमगीन माहौल था। इसी बीच 6 दिन बाद उसकी मां रामप्यारी की पुत्र की मौत के सदमे में मौत हो गई। मां-बेटे की मौत के बाद परिवार में सिर्फ बेटी रेखा और उसका आठ वर्षिय पुत्र था।
बुधवार को सेन समाज की ओर से पगड़ी रस्म निभाई गई। जहां बड़े भाई नोरत के वारिस के रूप में पगड़ी दस्तूर के लिए समाज के अन्य लोगों के नाम सुझाने पर परिजन, रिश्तेदार व समाज ने सामाजिक नई पहल करते हुए उसकी बहन रेखा को ही वारिस के रूप में पगड़ी बंधवाकर रस्म अदा की। पगड़ी दस्तूर के दौरान पारिवारिक दुख:द घटना के साथ बेटी के पगड़ी रस्म पर लोगों की आंखें नम हो गई। रेखा ने भगवान चारभुजानाथ मंदिर पहुंच कर आशीर्वाद लेते हुए जिम्मेदारी को संभाला तथा परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया।
Published on:
05 Dec 2024 12:32 pm
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